NoidaFilmCityExcavation: क्या सच में नोएडा फिल्म सिटी के नीचे दबा है हनुमान जी के गदे का मनका?

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क्या दिल्ली से सटे नोएडा में स्थित फिल्म सिटी के 3000 मीटर नीचे हनुमान जी का भव्‍य मंदिर है? क्या इस मंदिर में रखा है हनुमान जी के गदे से टूटकर गिरा मनका? ट्विटर पर इसको लेकर दावे किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं कई यूजर्स #NoidaFilmCityExcavation ट्रेंड के साथ ट्वीट कर के फिल्म सिटी को खोदकर हनुमान जी का मनका ढूंढ़ने की बात कह रहे हैं।

आइये जानते हैं क्‍या है मामला

रॉफल गांधी (@RoflGandhi_) नामक एक ट्विटर यूजर ने दावा किया है कि रोहतक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और हिंदू अध्यात्म के रिसर्चर बलवान दहिया ने हनुमानजी पर गहरा अध्ययन किया है। उनकी रिसर्च में सामने आया कि जब हनुमानजी संजीवनी लेकर लौट रहे थे तो उनकी गदा पर लगा एक मनका नीचे गिर गया था। हजारों साल के बाद नौवीं सदी में वो मनका कृपाराम नामक एक गरीब को मिला।

इसके बाद उसकी किस्मत बदल गयी और वो लखपति हो गया। तब उस रहस्यमयी मनके की महिमा समझ आयी और अपनी पत्नी भामादेवी की सलाह पर कृपाराम ने हनुमान जी का भव्य मंदिर बनवाकर उस मनके को स्थापित कर दिया।

क्या है ये रिसर्चर

रोहतक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बलवान दहिया हिंदू अध्यात्म के रिसर्चर हैं। उनके अनुसार, जब हनुमानजी संजीवनी लेकर लौट रहे थे तो उनकी गदा पर लगा एक मनका नीचे गिर गया था। नौवीं सदी में वो मनका एक गरीब कृपाराम को मिला। इससे उसकी किस्‍मत बदल गई थी। उसकी पत्नी भामादेवी ने मनके को मंदिर में स्थापना करने की सलाह दी। कृपाराम ने भव्य बजरंगी मंदिर बनवाकर मनका स्थापित कर दिया।

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मंदिर के आस-पास शहर बस गया। शहर इतना खुशहाल था कि सोने की ईंटों के फर्श लगे थे। शहर का नाम था नवोदय। फिर 11वीं शताब्दी में नवोदय नगरी के राजा अजेयनाथ और टीपू खान के बीच भयंकर जंग हुई। इससे पहले की टीपू नवोदय नगर को लूट पाता कुलदेवी महामाया ने शहर को पाताल में छुपा दिया। प्रोफेसर दहिया की रिसर्च और मशहूर पुरातत्व विशेषज्ञ कगिशो आर्चर की रिपोर्ट कहती है कि जहां सोने की नवोदय नगरी थी, वहां आज नोएडा शहर आबाद है।

मनका जड़ित भव्य बजरंगी मंदिर की लोकेशन सेक्टर 16 A फिल्म सिटी बताई गई है। शायद मंदिर भूतल से लगभग 3000 मीटर नीचे है। प्रोफेसर दहिया के दादा भलेराम दहिया भी एक बार नेहरू जी से मिले थे और बजरंगी मंदिर की खोज के लिये खुदाई की मांग की थी। लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। आज फिल्म सिटी में धरातल में कैद है एक चमत्कारी रहस्य, जो भारत की किस्मत बदल सकता है।

प्रोफेसर दहिया अब प्रधानमंत्री जी से उम्मीद कर रहे हैं जैसे वो नेहरू जी की अन्य गलतियों को सुधार रहे हैं, वैसे ही नवोदय नगरी के बजरंगी मंदिर की खोज करके एक और इतिहास ठीक कर देंगे। न्यूज़ स्टूडियो तो कहीं भी बस सकते हैं, लेकिन बजरंगी का निवास एक विशेष स्थल ही होता है। आज नहीं तो कल देश की जनता इसका जवाब जरूर मांगेगी। आस्था के ऊपर कुछ नहीं, न्यूज स्टूडियो तो बिल्कुल नहीं।

इसके बाद से सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा आज तक समेत तमाम न्यूज़ चैनेलों पर फूटा और लोग लगातार इनकी आलोचना कर रहे हैं। टीवी न्यूज़ चैनलों के कंटेंट के गिरते स्तर के चलते ट्विटर यूजर्स ने इनका मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया है और हनुमान जी के मंदिर की कहानी बनाकर इनके ऑफिस गिराने की बात कर रहे हैं।

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