क्या है राहुल गांधी की ‘भूकंप स्पीच’ के मायने, पढ़ें भाषण की 10 खास बातें

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नई दिल्ली, 20 जुलाई। संसद में शुरु हुए मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने  अपनी भूंकप ला देने वाली स्पीच के दौरान न सिर्फ 15 मिनट से ज्यादा बोला बल्कि उनके भाषण के बीच में हुए हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को कुछ देर के लिए संसद का सत्र भी स्थगित करना पड़ा।

राहुल गांधी ने अपने शुरुआती भाषण के दौरान रफेल हैलिकॉप्टर सौदा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा, अमित शाह के बेटे जय शाह की संपत्ति, विदेश नीति, चीन यात्रा, डोकलाम विवाद, किसान की कर्जमाफी, उद्योगपतियों को संरक्षण, पेट्रोल डीजल सहित कई मुद्दों पर मोदी सरकार को जमकर घेरा। वहीं भाषण के अंतिम पलों में राहुल गांधी ने अल्पसंख्यकों, भीड़तंत्र यानी मॉब लिंचिंग, दलितों पर हिंसा, महिला के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर पीएम मोदी की चुप्पी पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी।

हांलाकि राहुल गांधी ने अपनी स्पीच के दौरान जो बात रखी उनमें आंकडों की थोड़ी कमी महसूस हुई। वहीं दूसरी ओर जुबान फिसलने से एक बार फिर राहुल गांधी सदन में हंसी का पात्र बन गए। लेकिन राहुल गांधी ने फौरन अपनी बात को कवर किया और फिर स्पीच देने लगे। फ्रांस के साथ हुए रफेल हैलिकॉप्टर सौदे पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीता रमण पर जमकर सवाले दागे जिसके चलते मोदी सरकार घिरते नजर आईं।

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राहुल गांधी के भाषण की 10 खास बातें-

1) दो करोड़ को मिलेगा रोजगार एक जुमला
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी स्पीच की शुरूआत में सरकार पर निशाना साधते हुए उनके द्वारा दिए गए जुमले गिनाए। राहुल गांधी ने कहा कि ये सवाल देश का हर शख्स पीएम से पूछ रहा  है कि 15 लाख खाते में कब आएंगे। उन्होंने जुमला स्ट्राईक करार देते हुए जुमले गिनाए- जुमला नंबर एक- 15 लाख रुपये हर खाते में आने वाले हैं। जुमला नंबर दो-  दो करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन सिर्फ 4 लाख को मिला।

2) बेरोजगारी पर सरकार को नसीहत
राहुल गांधी ने इसके बाद कहा कि, युवाओं ने प्रधानमंत्री पर भरोसा किया, लेकिन उन्हें धोखा मिला। उन्होंने 2 करोड़ लोगों को हर साल रोजगार देने की बात कही थी जो एक जुमला साबित हुआ। मोदी सरकार को रोजगार के लिए चाइना से सीख लेने की नसिहत देते हुए कहा कि भारत को चीन से सीखने की जरुरत है कि रोजगार कैसे पैदा किए जा सकते हैं, जबकि प्रधानमंत्री कभी कहते हैं पकोड़े बनाओ, कभी कहते हैं दुकान खोलों।

3) जीएसटी से गरीब बेहाल
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने जीएसटी के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि, जीएसटी कांग्रेस लेकर आई थी लेकिन आप लोगों ने विरोध किया, हम पूरे देश में एक जीएसटी चाहते थे लेकिन आपने विरोध किया और अब जीएसटी के नाम पर चार-पांच अलग-अलग जीएसटी लेकर आ गए हो।  प्रधानमंत्री के जीएसटी ने छोटे-छोटे से लोगों के घरों में इंकम टैक्स की रेड डालने का काम किया है, जबकि गरीब के पास दैनिक जीवन के लिए भी कुछ खास नहीं होता, आपने लोगों को बर्बाद कर के रख दिया है।

4) गरीबों ठोकर मार रही है मोदी सरकार
राहुल गांधी ने अपने तल्ख अंदाज में कहा कि, आपकी सरकार ने बेरोजगारी फैलाई, गरीबों को ठोकर मारी, लोगों की जेब में आपने हाथ डाला, इस सच्चाई को झुठला नहीं सकते। आपकी सरकार में हिंसा बढ़ी है। जियो के इश्तेहार पर प्रधानमंत्री का फोटो आ सकता है, जो बिजनेसमैन इनकी मदद करते हैं उनके लिए ये हमेशा तैयार रहते हैं लेकिन गरीबों के लिए पीएम मोदी के दिल में थोड़ी सी भी जगह नहीं।

5) जय शाह के बहाने अमित शाह और मोदी को घेरा
गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान उछले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की संपत्ति के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने सरकार को घेरने की कोशिश की। राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री जी ने कहा था मैं देश का चौकीदार हूं, लेकिन जब अमित शाह के पुत्र जय शाह जब 16 हजार बार अपनी आमदनी को बढ़ाता है, इतना कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। प्रधानमंत्री जी ने कहा था मैं देश का चौकीदार हूं, लेकिन जब अमित शाह के पुत्र जय शाह जब 16 हजार बार अपनी आमदनी को बढ़ाता है।

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6) रफेल हैलिकॉप्टर सौदे में उछाला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का नाम
राहुल गांधी ने रफेल हैलिकॉप्टर सौदे में हुए घोटाले पर भी सरकार को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा 520 करोड़ रुपये का हैलिकॉप्टर था, प्रधानमंत्री मोदी जी फ्रांस गए और जादू से प्रति हवाई जहाज 1600 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन रक्षामंत्री रिपोर्ट देने से पलट गईं, कहा- फ्रांस और भारत के बीच सीक्रेसी साइन हुआ है। राहुल गांधी ने कहा, लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया की ऐसा कुछ नहीं है। प्रधानमंत्री के दबाव में आकर निर्मला सीतारमन ने देश से छूट बोला। किसकी मदद हो रही है आप देश को बताइये।

7) प्रधानमंत्री जी की हिम्मत नहीं को मुझसे आंख मिला सकें
मैं समझना चाहता हूं कि ये हर कोई जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए कि मैं देख रहा हूं कि मोदी जी मुस्कुरा रहे हैं मेरी आंखों में आंखें डाल कर नहीं देख रहे हैं क्योंकि वो नर्वस है। नोटबंदी का आइडिया… इतना बोलते ही राहुंल गांधी के हमले के बीच अनंत कुमार ने सदन में रूल नंबर 353 के तहत उन पर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री की हिम्मत नहीं कि वो मेरी आंखो में आंखें डाल सकते हैं।

8) विदेश नीति
राहुल गांधी पीएम मोदी की विदेश नीति के मामले में कहा, प्रधानमंत्री ने चाईना के राष्ट्रपति के साथ गुजरात में झूला झूलते हैं। इसके बाद चीन अपनी सेना को डोकलाम में डालता है। हमारे सैनिकों ने शक्ति दिखाई और वो खड़े हुए। लेकिन कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री बिना एजेंडा के चाइन जाते हैं हम डोकलाम नहीं उठाएगें। सैनिकों को प्रधानमंत्री ने धोखा दिया।

9) किसान, महिला-दलित-अल्पसंख्यकों पर पीएम की चुप्पी मॉब लिंचिंग का लाइसेंस
राहुल गांधी किसानों के मुद्दे पर कहा, हिन्दुस्तान का किसान कहता है हमारा भी कर्ज माफ कर दीजिए लेकिन वित्त मंत्री ने कहा नहीं हो उद्योगपतियों का होगा क्योंकि तुम लोग सूट बूट नहीं पहनते। पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री अपनी जेब भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, देश में गैंगरेप होता है। महिलाओं पर अत्याचार होता है। पहली बार हिन्दुस्तान के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ कि देश में महिलाएं सैफ नहीं है। आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, दलितों और गरीबों को मारा जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है और तो और उनके मंत्री जाकर आरोपियों दोषियों को माला पहनाते हैं।

10) संविधान-आंबेडकर पर हमला कर रही है मोदी सरकार
राहुल गांधी ने अपने भाषण के अंतिम पलों में कहा कि, जब भी किसी नागरिक पर हमला होता है तो वो आम जनता पर नहीं आंबेडकर पर इस संविधान पर हमला होता है। आपके मंत्री संविधान बदलने की बात कहते हैं। बीजेपी अध्यक्ष बहुत ही अलग तरह के हैं। प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष को एक डर सता रहा है और इसी डर के चलते वो गुस्से में हैं। वो डर के चलते हर शख्स की आवाज दबाना चाहते हैं।

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ये हैं राहुल गांधी के भाषण के मायने
हांलाकि इन सबसे इतर अपनी स्पीच खत्म होने के दौरान राहुल गांधी ने सदन में हिन्दू होने का मतलब बताया और इसके बाद सामने अपनी कुर्सी पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे और उनसे पहले हाथ मिलाया फिर उनके गले भी मिले। इस बीच पीएम मोदी शुरूआत में थोड़ा झिझकें लेकिन बाद में पीएम मोदी ने राहुल गांधी को बुलाकर गले लगाया और उनकी पीठ थपथपाते हुए उन्हें बधाई दी।

हांलाकि ऐसा करने के लिए स्पीकर ने राहुल गांधी को नियमों का पालन करने की नसीहत दी और सदन में गरीमा बनाने रखने के लिए कहा। लेकिन राजनीति पंडित इस बात से कई मायने निकाल रहे हैं कि कहीं न कहीं राहुल गांधी की स्पीच में पहले से कई गुना परिपक्वता देखने को मिली है। उनकी प्रभावित करने वाली स्पीच से कहीं न कहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ने में मदद मिलेगी।

पीएम मोदी और राहुल गांधी के मिलन पर सदन का माहौल कुछ देर के लिए बदल गया। पक्ष और विपक्ष दोनो ही ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस दौरान बीजेपी के कई नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी, लेकिन एक्सपर्ट की माने तो उनकी आंख मारने वाली बात से यह मैसेज गया है कि राहुल गांधी अपनी स्पीच के दौरान सीरियस नहीं थे। बहरहाल, उनकी स्पीच लोगों को कितना प्रभावित करेगी यह तो उनके बढ़ते जनआधार और आगामी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव 2018 के नतीजों के बाद ही तय होगा।

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