अंफन के बाद अब निसर्ग का खतरा, यह साल और कितने संकट लेकर आएगा?

Nisarga Cyclone to hit mumbai
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भारत में अरब सागर से आमूमन कम ही भयंकर तूफान खड़े होते हैं जबकि बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आते रहते हैं। लेकिन 100 साल बाद ऐसा हो रहा है जब 2019 के बाद से अरब सागर में इस तरह के भयंकर तूफान आ रहे हैं। अब तक वायू, हिक्का, क्यार, महा, और पवन तूफान अरब सागर से लगे तटीय क्षेत्रों से टकरा चुके हैं। और अब निसर्ग का खतरा मंडरा रहा है।

-भारतीय मौसम विज्ञान विभाग

Ground Report | News Desk

साल 2020 भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खतरनाक साल साबित होता जा रहा है। कोरोना से बेहाल दुनिया प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना कर रही है। ऑस्ट्रेलिया और अमेज़न के जंगलों की आग, इंग्लैंड का भयंकर सूखा, कोरोना जैसी महामारी, लगातार आ रहे भूकंप और चक्रवात से दुनिया बेहाल हो चुकी है। भारत का महाराष्ट्र राज्य कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित है, ऐसे में निसर्ग (Nisarga Cyclone) तूफान नई चुनौती बन गया है। भारतीय मौसम विभाग ने अरब सागर में बन रहे दबाव के क्षेत्र को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह तूफान अगले 12 घंटों में तूफानी चक्रवात और उसके अगले 12 घंटों में भयंकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मुंबई और इसके आसपास के तटीय इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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मौसम विभाग ने कहा है कि इस तूफान के अगले छह घंटों में उत्तरी दिशा में बढ़ने की आशंका है और उसके बाद यह उत्तर-उत्तरपूर्वी दिशा में बढ़ सकता है, जिसके बाद यह 3 जून की दोपहर तक उत्तरी महाराष्ट्र से लगते दक्षिणी गुजरात के हरिहरेश्वर (रायगढ़, महाराष्ट्र) और दमन के बीच के तटीय इलाकों तक पहुंच सकता है।

भारत के लिए साल 2020 बुरा साबित हुआ है। दिल्ली में दंगे, विशाखापट्टनम कैमिकल फैक्ट्री में गैस लीक, अंफन तूफान, दिल्ली में सात बार भूकंप के झटके, कोरोना महामारी और अब निसर्ग तूफान का खतरा।

कितना खतरनाक साबित हो सकता है निसर्ग?

निसर्ग तूफान हाल ही में आए अंफन तूफान के मुकाबले कमज़ोर है। यह तूफान 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ज़्यादा से ज़्यादा इसकी रफ्तार लैंडफॉल के समय 95-105 किमी प्रति घंटा हो सकती है। अंफन की रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई थी। तूफान की वजह से महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इससे निचले इलाकों में पानी घुसने की भी संभावना बनी हुई है। तूफान की वजह से पेड़ और बिजली के खंबे टूट सकते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इस समुद्री तूफान में दो मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठ सकती हैं और ये लहरें लैंडफॉल के दौरान मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिले के निचले तटीय इलाकों से टकराएंगी। मछुआरों को इसके लिए अलर्ट कर दिया गया है और समुद्र से वापस आने को कहा गया है। चेतावनी जारी की गई है कि तूफान से झोपड़ियों और कमजोर घरों को नुकसान पहुंच सकता है, वहीं पॉवर और कम्यूनिकेशन लाइन डाउन हो सकती है।

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सरकार है तैयार?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ऑफिस के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ठाकरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य की तैयारियों पर चर्चा की थी। सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि ऐसे अस्पताल जहां कोविड-19 के मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है, उन्हें चक्रवात से प्रभावित होने वाले लोगों की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तूफान के चलते बिजली की सप्लाई में रुकावट न आए। (NDRF) की 31 टीमों को महाराष्ट्र और गुजरात में तैनात किया गया है। बता दें कि NDRF की एक टीम में 45 लोग होते हैं. NDRF के डायरेक्टर जनरल एसएन प्रधान ने कहा, ‘निसर्ग एक भीषण चक्रवाती तूफान है और हमारा अनुमान है कि इस दौरान 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी, जो कि हम मैनेज कर सकते हैं, लेकिन फिर भी हम बचाव के तौर पर महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों से लोगों को निकालने जा रहे हैं।’

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