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निर्भया केस 7 साल: दोषी अक्षय की फांसी बरकरार

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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

दिल्ली में हुए निर्भया कांड के चार दोषियों में से एक अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय की फांसी को बरकरार रखा है। अक्षय की पुनर्विचार याचिका को जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली नई बेंच ने खारिज कर दिया। निर्भया बलात्कार मामले में दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखने के शीर्ष अदालत के 2017 के फैसले के खिलाफ एक दोषी अक्षय कुमार सिंह ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी।

5 बड़ी बातें-

1.दिल्ली सरकार की ओर से अदालत में याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि कुछ अपराध ऐसे होते हैं जिनमें ”मानवता रोती’ है और यह मामला उन्हीं में से एक है। मेहता ने कहा, ” कई ऐसे अपराध होते हैं जहां भगवान बच्ची (पीड़िता) को ना बचाने और ऐसे दरिंदे को बनाने के लिए शर्मसार होते होंगे। ऐसे अपराधों में मौत की सजा को कम नहीं करना चाहिए।

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2. सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले के दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह की समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है। इस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय की फांसी की सजा बरकरार रखी।

3.अक्षय की आरे से पेश हुए वकील ए. पी सिंह ने अदालत से कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु और जल प्रदूषण की वजह से पहले ही लोगों की उम्र कम हो रही है और इसलिए दोषियों को मौत की सजा देने की कोई जरूरत नहीं है।

4. निर्भया गैंगरेप केस के दोषी अक्षय कुमार सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दोषी राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका फाइल करना चाहता है। इसके लिए वकील ने तीम सप्ताह का वक्त मांगा है।

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5. अब दोषी अक्षय राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजेगा। साथ ही क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर सकता है। इस मामलें में पहले ही सात साल गुज़र चुके हैं जबकि निर्भया मामले में देश में भारी आक्रोश देखा गया था।