दिल्ली में फंसे कश्मीरी छात्रों का कोई नहीं मददगार ,अधिकारी ने कहा- ख़ुद करें वापस जाने का इंतेज़ाम

Local parties, Pakistan rejects new domicile law, BJP calls it historical step
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देशभर में मज़दूरों की तरह कश्मीरियों का भी कोई मददगार नहीं दिखाई दे रहा है । सरकार ने कहा दिल्ली में फंसे कश्मीरियों को वो वापस उनके घर कश्मीर जाने के लिए ट्रांसपोर्ट का इंतेज़ाम करेगी । मगर हक़ीकत में ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता । लॉकडाउन के कारण दिल्ली में फंसे कश्मीरियों वापस भेजने के लिए दिल्ली स्थित एक एनजीओ राष्ट्रीय राजधानी से लोगों को कश्मीर भेजने के लिए 40,000 से 50,000 रुपये तक का शुल्क ले रहा है।

दिल्ली में फंसे एक छात्र ने बताया-

एक कश्मीरी महिला द्वारा दिल्ली में चलाया जा रहा एनजीओ कश्मीरी छात्रों के लिए सभी तरह के पास और परिवहन का इंतेज़ाम करने की बात कर रहा । एम्बुलेंस या कैब में दिल्ली-कश्मीर ड्रॉप की व्यवस्था के लिए, एनजीओ 40,000 रुपये से 50,000 रुपये तक मांग रहा है । हम कुछ हफ्तों से एनजीओ के संपर्क में हैं क्योंकि सरकार हमें यहां से नहीं निकाल रही है । लेकिन ये एनजीओ 40 से 50 हज़ार रुपय में कश्मीर पहुंचाने की बात कर रहा है । मैं इन कठिन समय में 40,000 रुपये का प्रबंधन कहां से कर सकता हूं ।

नई दिल्ली से कश्मीरी छात्रों को निकालने के लिए नोडल अधिकारी भी कश्मीरी छात्रों की मदद नहीं कर रहे हैं । नोडल अधिकारी से जब कुछ कश्मीरी छात्रों ने बात की तो अधिकारी ने दो टूक कहा कि आप खुद गाडी का इंतेज़ाम कर के कश्मीर जाए। आधिकारिक तौर पर जारी किए गए नंबर 9419193363 पर दिल्ली में फंसे लोगों के लिए Rimpi Ohri Liaison Officer से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन नंबर बंद है ।

इसी प्रकार, तीन नोडल अधिकारी – अली अफसर (9797823332), मंज़ूर अहमद (7006621243), और मुज़फ़्फ़र अहमद (9419355541) – इन सभी के नबंर या तो बंद आ रहे या पहुच से बाहर । कश्मीरी छात्र लॉकडाउन के कारण फंसे हुए हैं। न तो सरकार औऱ न ही कोई अधिकारी उनकी मदद को आगे आ रहा है । इस विषम परिस्थिति में कश्मीरी छात्रों को वापस उनके भेजने के लिए 40 से 50 हज़ार रुपय लिए जा रहे हैं ।

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