JNU देशद्रोह केस स्वीकृत करने वाले ए के मेंदीरत्त को केंद्र सरकार का तोहफ़ा

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दिल्ली के पूर्व प्रमुख सचिव (विधि) अनूप कुमार मेंदीरत्त को केंद्रीय विधि सचिव नियुक्त किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस ने मेंदीरत्त को कानून सचिव बनाये जाने की संभावना पर खबर दी थी, जिसपर अब मुहर लग चुकी है।

कानून मंत्रालय ने इस पद के लिए 8 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया था जिसमें मेंदीरत्ता का नाम भी था। 26 जून को हुए साक्षात्कार के बाद ए के मेंदीरत्ता को इस पद की लिए चुना गया।

ए के मेंदीरत्ता जब दिल्ली के प्रमुख सचिव थे तब उनकी केजरीवाल सरकार के साथ तकरार सामने आई थी। JNU छात्रों पर देशद्रोह का केस चलाने की स्वीकृति भी ए के मेंदीरत्ता ने दी थी। दिल्ली के कानून मंत्री कैलाश गहलोत को मेंदीरत्ता ने दो टूक कह दिया था कि JNU छात्र उमर खालिद और कन्हैया कुमार पर देशद्रोह के मुक़द्दमे को स्वीकृति देने के लिए केवल उप राज्यपाल ही योग्य हैं। इसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था।

बताया जा रहा है कि अनूप कुमार पहले ऐसे कानून सचिव होंगे जो न्यायधीश के रूप में कार्यरत हैं। उनका कार्यकाल 30 मार्च 2023 तक होगा। दिसंबर 2018 में सुरेश चंद्रा के इस्तीफे के बाद से कानून सचिव का पद खाली पड़ा था जिसे आलोक श्रीवास्तव अस्थाई तौर पर अब तक संभाल रहे थे।