किरायेदारी नियमों में बड़ा बदलाव, 2 महीने से ज़्यादा एडवांस किराया नहीं ले सकते मकान मालिक

Ground Report | News Desk | MTA | Model Tenancy Act | कैबिनेट ने 2 जून को मॉडल टेनेंसी एक्ट को मंजूरी दे दी है जिसके तहत मालिक और किरायेदार दोनों के हितों की रक्षा के लिए काफी नए प्रावधान लाये गए है। इनसे जुड़े सभी विवादों को सुलझाने के लिए अलग कोर्ट भी बनाया जायेगा। नए नियम के मुताबिक किरायेदार से 2 महीने से ज़्यादा का एडवांस नहीं ले सकेंगे, वही अगर किरायेदार किराया नहीं देता है और घर भी नहीं खाली करता है तो माकन मालिक उससे 2 से 4 गुना किराया वसूल सकता है।

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सरकार का कहना है की इस नए कानून (MTA) से मौजूदा स्थिति में सुधार आएगा और ये मकानमालिक और किरायेदार दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अध्यक्ष की गयी इस बैठक में कैबिनेट ने इस नए क़ानून को मंज़ूरी दी। इसे सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजा जायेगा जहाँ वह इसमें अपने मुताबिक बदलाव करेंगे। सरकार ने 2019 में पहली बार इस कानून को पेश किया था ताकि मौजूदा दिक्कतों को हटाया जा सके और अब इसे लागू कर दिया गया है।

मॉडल किरायेदारी अधिनियम की मुख्य विशेषताएं : Key points of MTA

  • आवासीय और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि एमटीए अधिनियम लोगों को अनौपचारिक से कॉन्ट्रैक्ट वाली व्यवस्था तक ले जायेगा।
  • मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद की स्थिति में जल्दी समाधान के लिए रेंट अथॉरिटी या अदालत उपलब्ध होगी ।
  • आवासीय परिसर के लिए किराएदार को दो माह की जमानत राशि (advance payment or security deposit ) जमा करनी होगी। कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए किराएदार को छह महीने का किराया देना होगा।
  • किरायेदार प्रॉपर्टी का पूरा हिस्सा किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दे सकता।
  • इसके अलावा, यदि एक मकान मालिक ने किराया समझौते में बताई गई सभी शर्तों को पूरा किया है जैसे की नोटिस अवधि, आदि, और किरायेदार किरायेदारी की अवधि समाप्ति पर परिसर को खाली नहीं करता है , तो मकान मालिक दो महीने के लिए मासिक किराया दोगुना और उसके बाद चार गुना लेने के लिए हकदार होगा ।
  • मकान मालिक किराए में संशोधन यानि की बढ़ोतरी के लिए तीन महीने पहले लिखित में नोटिस देगा। मकान मालिक अवधि के बीच में किराया नहीं बढ़ा सकता।
  • किरायेदार के साथ विवाद की स्थिति में एक जमींदार बिजली और पानी की आपूर्ति में कटौती नहीं कर सकता है।
  • मकान मालिक परिसर में अगर किसी प्रकार की मरम्मत करवाना चाहता है तो उसे परिसर में आने से 24 घंटे पहले किरायेदार को सूचित करना पड़ेगा।
  • घर में टूट-फूट होने पर उसकी मरम्मत करने की ज़िम्मेदारी मकान मालिक की होगी, इसमें खिड़की दरवाज़े बदलवाना और पेंट करवाना भी शामिल है।

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