GOLD GST to be imposed on old jwellery sale

GOLD GST: अब पुराने गहने बेचने पर भी देना पड़ सकता है टैक्स

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

पुराने सोने के आभूषण या सोना बेचने पर मिलने वाली रकम पर अब टैक्स GOLD GST चुकाना पड़ सकता है। उम्मीद है की आगामी जीएसटी परिषद की बैठक में इस पर फैसला हो सकता है। कई राज्यों के वित्त मंत्री इस बात पर राज़ी हैं कि पुराना सोना बेचने पर GOLD GST टैक्स लगाया जाए। इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है। अगर इस फैसले पर मुहर लगती है तो आने वाले समय में ज्वैलरी दुकान पर जब आप जाएंगे तो दुकानदार को प्रत्येक खरीद बिक्री के लिए ई-बिल देना होगा। यह कदम टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाया जा सकता है। अभी कई जगह सोने की बिक्री के बाद दुकानदार कच्चा बिल देते हैं।

कैसे वसूला जाएगा GOLD GST?

अगर कोई जोहरी पुराने आभूषण आपसे खरीदता है तो वह रिवर्स शुल्क के रुप में तीन प्रतिशत GOLD GST आपसे वसूलेगा यानि अगर आपने 1 लाख के आभूषण बेचे तो आपको 3 हज़ार रुपए जीएसटी चुकाना होगा। यानी आपको 3 हज़ार रुपए कम मिलेंगे। आपको बता दें कि देश में कई लोग सोना खरीदकर अपना पैसा निवेश करते हैं। लोग बुरे समय में सोना बेचकर अपने ज़रुरी काम पूरे करते हैं। ऐसा करने वालों की संख्या भारत में अधिक है। हालांकि गोल्ड लोन के रुप में अब कई सारे विकल्प लोगों के पास है लेकिन अभी भी कई लोग जोहरी के पास जाकर पुराने आभूषण बेचते हैं और नए आभूषण बनवाते हैं या फिर उसे कैश करवाते हैं। लोगों को जीएसटी परिषद के इस फैसले के बाद एक एक्सट्रा टैक्स चुकाना पड़ेगा। फिल्हाल आभूषण के मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है।

कोरोना महामारी की वजह से सर्राफा बाज़ार मंद पड़ा है। शादी-ब्याह टल जाने की वजह से भी बाज़ारों में उत्साह नहीं है। सोने की ट्रेडिंग तो हो रही है लेकिन दुकानों पर ग्राहक नदारद हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले केवल 20-25 फीसदी है व्यापार हो रहा है।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।