कश्मीर में नदी के दो किनारों को मिलाने की तैयारी में राहुल, सरकार गठन की कवायद तेज

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न्यूज़ डेस्क।। कश्मीर में कांग्रेस और उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार बनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें महबूबा मुफ्ती भी शामिल हो सकती हैं। कश्मीर की राजनीति में महबूबा की पीडीपी और उमर अब्दुल्ला की नेशनल कांफ्रेंस नदी के दो किनारों की तरह है जिन्हें कभी नही मिलाया जा सकता। लेकिन विधायकों की तोड़ फोड़ की आशंका ने पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस को साथ आने के लिए मजबूर कर दिया है। कांग्रेस आलाकमान ने इस गठबंधन को हरी झंडी दे दी है। जल्द ही कश्मीर में एक नई सरकार बन सकती है।

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गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में भाजपा- पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद पिछले 6 महीनों से राज्यपाल शासन लगा हुआ है। लेकिन अब लगता है कश्मीर को फिर से नई सरकार मिलने वाली है। गुरुवार को इस गठबंधन की घोषणा हो सकती है।

हालांकि लद्दाख से पीडीपी के सांसद मुज़फ्फर बैग ने इस संभावित गठबंधन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की उन्होंने कहा इस सियासी उठापठक पर जम्मू की क्या प्रतिक्रिया होगी यह पूरी तरह एक मुस्लिम गठबंधन होगा जिससे कश्मीर तीन भागों में बंट जाएगा। लद्दाख और जम्मू अलग थलग हो जाएंगे क्योंकि बनने वाली सरकार में उनका प्रतिनिधित्व नहीं होगा।

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आपको बता दें कि 89 सदस्यीय विधानसभा में पीडीपी के 28, भाजपा के 25, नेशनल कांफ्रेंस के 15 और कांग्रेस के 12 विधायक हैं। भाजपा द्वारा जीती गयी अधिकतर सीटें जम्मू और लद्दाख से हैं और पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस का कश्मीर क्षेत्र में वर्चस्व रहा। ऐसे में अगर कश्मीर क्षेत्र की पार्टियां मिलकर सरकार बनाती हैं तो जम्मू के अलग थलग होने की संभावना बढ़ जाएगी।

इस गठबंधन से सबसे ज़्यादा झटका भाजपा को लगेगा जो पिछले कई दिनों से सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई थी।

इतना तय है सरकार बनने तक सियासी हवाएं तेज़ चलेंगी।

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