रिसर्च स्कॉलर्स की बैठक में अहम फैसला, अगर नहीं बढ़ी फैलोशिप तो होगा बड़ा आंदोलन

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नई दिल्ली | न्यूज़ डेस्क

ऑल इंडिया रिसर्च स्कॉलर के बैनर तले नई दिल्ली स्थित एम्स में देश के तमाम संस्थानों के रिसर्च स्कॉलर्स प्रतिनिधियों ने बैठक की। इस बैठक के दौरान तमाम शोधार्थियों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसमें सबसे अहम मुद्दा बीते चार वर्षों से लंबित फेलोशिप में वृद्धी का मुद्दा रहा। इस बात सभी ने आम सहमति जताते हुए कहा है कि अगर शोधार्थियों की फेलोशिप में नियमानुसार बढ़ोत्तरी नहीं की जाती है तो मोदी सरकार के खिलाफ देश भर में आंदोलन होगा।

यह भी पढ़ें: फेलोशिप में वृद्धि के लिए क्यों हर बार सड़कों पर उतरते हैं रिसर्च स्कॉलर?

इस बैठक में एम्स, जेएनयू, आईआईटी, आईसीईजीबी, पीजीआईएमईआर, आईआईएसईआर सहित कई विभिन्न संस्थानों के शोधार्थी मौजूद रहें। बता दें कि बीते चार वर्षों से रिसर्च स्कॉलरशिप में वृद्धि का मामला लंबित। हर चार साल में नियमानुसार इनकी फेलोशिप बढ़ाई जाती है लेकिन इस बार 6 महीने से अधिक बीत चुके हैं लेकिन सरकार का रवैया अब भी असंवेदनशील बना हुआ है।

Read : Research scholars gearing up for protest, demand 60% hike in fellowship

एम्स के पीएचजी स्कॉलर और ऑल इंडिया रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन प्रमुख लाल चंद्र ने बताया कि हम मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी समेत कई जगह दलील दे चुके हैं लेकिन सरकार की ओर से अब तक सिर्फ आश्वसान ही मिलता आया है। इस बार शोधार्थियों की ओर से इस मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए दिसंबर तक का समय दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हम आम सहमति से 2-3 दिनों में एक ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं और सरकार को 15 से 20 दिन का समय देंगे। अगर निर्धारित समय से इस मामले का हल नहीं होता है तो हम सभी सरकार के खिलाफ सड़कों पर लामबंद होंगे।

ग्राउंड रिपोर्ट से जुड़ी तमाम खबरों के लिए हमारे यू ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/groundreportvideos पर क्लिक कर सब्सक्राइब करें और घंटी के आइकन पर क्लिक करें। आपको यह वीडियो न्यूज़ कैसी लगी अपना फीडबैक, सुझाव या शिकायत आप कमेंट में बता सकते हैं।

Comments are closed.