Home » नेपाल ने क्यों बैन किए भारतीय न्यूज़ चैनल?

नेपाल ने क्यों बैन किए भारतीय न्यूज़ चैनल?

नेपाल भारतीय न्यूज़ चैनल पर बैन
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नेपाल ने दूरदर्शन को छोड़कर अन्य सभी भारतीय समाचार चैनलों का प्रसारण बंद करते हुए आरोप लगाया कि वो ऐसी खबरें दिखा रहे हैं जिससे देश की राष्ट्रीय भावनाएं आहत हो रही हैं। इस मुद्दे पर भारत की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत और नेपाल के बीच नेपाली नक्शे को लेकर विवाद चल रहा है।

मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) के अध्यक्ष, विदेशी चैनल के वितरक दिनेश सुबेदी ने बताया कि हमनें दूरदर्शन को छोड़कर सभी भारतीय समाचार चैनलों का प्रसारण रोक दिया है। उन्होंने कहा कि हमनें भारत के निजी समाचार चैनलों का प्रसारण रोक दिया है क्योंकि वे नेपाल की राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने वाली खबरें दिखा रहे थे।

नेपाल की सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा कि भारतीय मीडिया नेपाल के प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ प्रोपगेंडा चला रहा है। ऐसा करते हुए भारतीय मीडिया ने सारी हदें पार कर दी हैं। अब यह बहुत हो चुका है। यह बकवास बंद होनी चाहिए।

आपको बता दें कि भारत और नेपाल के रिश्तों में खटास आ चुकी है। हाल ही में नेपाल ने अपने नए नक्शे में कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा के इलाकों को अपने क्षेत्रों के रूप में दर्शाया है, जबकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह इलाके भारत का हिस्सा हैं। नए नक्शे को संसद से मंजूरी मिल गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 08 मई 2020 को लिपुलेख से धाराचूला तक बनाई गई एक सड़क का उद्घाटन किया था। लेकिन नेपाल ने लिपुलेख को अपना हिस्सा बताते हुए विरोध किया था।

READ:  India rejects China's claim on Galwan conflict

हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सरकार को गिराने की कोशिश भारत कर रहा है। यहां तक की नेपाल में फैले कोरोनावायरस पर भी नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की वजह से नेपाल में महामारी का विस्तार हुआ है। नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार का झुकाव चीन की तरफ अधिक रहा है। नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भारत और नेपाल के रिश्ते तल्ख हुए हैं। नेपाल बार-बार आरोप लगाता रहा है कि भारत खुद को बड़ा भाई बताने की कोशिश न करे।

You can connect with Ground Report on FacebookTwitter and Whatsapp, and mail us at GReport2018@gmail.com to send us your suggestions and writeups.