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National Recruitment Agency : अब नौकरी के लिए नहीं देना पड़ेगी अलग-अलग परीक्षाएं

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस साल बजट में किए गए एलान के मुताबिक, मोदी कैबिनेट ने बुधवार को नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (National Recruitment Agency) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह एजेंसी कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट का संचालन करेगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और जितेंद्र सिंह ने मोदी कैबिनेट की बैठक के बाद यह एलान किया है।

  • इसके तहत साल में दो बार टेस्ट होगा और एक हजार टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे।
  • फीस कंसेशन पहले जैसे ही रहेंगे। इसके तहत परीक्षाएं 12 भाषाओं में होगी।
  • कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की मेरिट लिस्ट 3 साल तक मान्य रहेगी।
  • ये सेंटर जिला हेडक्वार्टर में बनाए जाएंगे। उम्र में छूट नहीं मिलेगी।
  • नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का हेडक्वार्टर दिल्ली होगा।

इस मौके पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि उन ऐतिहासिक सुधारों में से एक है जिससे भर्ती, चयन और नौकरी की प्रक्रिया की आसान होगी। एजेंसी के कामकाज के बारे में जानकारी देते हुए सिंह ने कहा कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) तीन साल की अवधि के लिए मान्य रहेगा जिसके दौरान इसे क्वालिफाई करने वाले कैंडिडेट सरकार के अलग-अलग विभागों में अपनी प्राथमिकता और कुशलता के मुताबिक अप्लाई कर सकते हैं।

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नौकरी के लिए युवाओं को बहुत परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। 20 भर्ती एजेंसियां हैं, ऐसे में हर एजेंसी के लिए परीक्षा देने के लिए कई जगह जाना पड़ता है। अब नेशनल रिक्रूटमेंट एंजेसी (National Recruitment Agency) टेस्ट लेगी। इससे करोड़ों युवाओं को लाभ मिलेगा। एक परीक्षा से छात्रों का पैसा भी बचेगा उनको बहुत दौड़ धूप नहीं करनी होगी।

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