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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी नहीं सोचा होगा की उनका यह चहेता किसान आत्महत्या की कोशिश करेगा

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एम.एस.नौला| मुंबई

देश के प्रधानमंत्री को अनुमान भी नहीं हुआ होगा कि अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम मन की बात में (16 नवंबर 2016) को जिस व्यक्ति की वह तारीफ कर रहे हैं, वही व्यक्ति किसी दिन उनकी ही सरकार की नीतियों और प्रशासनिक रवैये से परेशान होकर आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेगा।

5 अगस्त को अकोला के कलेक्टर के दफ्तर में जिन 6 किसानों ने विषपान कर आत्महत्या की कोशिश की उनमें से एक किसान हैं मुरलीधर राउत, यह वही मुरलीधर राउत है जिन का गुणगान अपने बहुचर्चित कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह वही राउत है जिन्होंने नोटबंदी के दौरान पैसों की किल्लत से जूझते हुए यात्रियों को तकरीबन 1 महीने से अधिक समय तक अपने होटल में मुफ्त भोजन दिया था।

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मुरलीधर राउत का मराठा नामक होटल बालापुर अकोला मार्ग पर स्थित था। नोटबंदी के दौरान जब लोगों के पास पैसे नहीं थे उस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को उन्होंने भूखा नहीं जाने दिया। अब यह होटल वहां पर नहीं है क्योंकि राउत की उस होटल की जमीन और खेतों को सूरत – कोलकाता (धुले) राष्ट्रीय महामार्ग के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित कर लिया गया। इसी जमीन के एवज में मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर मांग करने की लड़ाई उनकी अन्य 5 किसानों के साथ सरकार से चल रही थी। हालांकि इन किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें मुआवजा बढ़ाकर नहीं मिलेगा तो वह आत्महत्या कर लेंगे लेकिन सरकार की कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

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5 अगस्त को जब इन किसानों को पता चला कि उन्हें राशि नहीं मिलेगी तो उन्होंने कलेक्टर दफ्तर नहीं जहर खा लिया था। फिलहाल सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। कलेक्टर दफ्तर से इस बाबत बोलने से कतरा रहे हैं।