mythology behind navratri and durga

नवरात्रि पौराणिक कथा: त्रिमूर्ति और देवताओं की अपार शक्ति से मिलकर बनी दुर्गा

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नवरात्रि पौराणिक कथा: नवरात्रि शुरु हो चुकी हैं, हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला यह त्यौहार 9 दिन तक चलेगा। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 रुपों की पूजा की जाएगी। दसवे दिन रावण का दहन किया जाएगा जिसे दशहरे के रुप में देश भर में मनाया जाएगा।

नवरात्रि NAVRATRI 2020 की शुरुवात से ही मौसम में शरद ऋितु की सुगंध घुलने लग जाती है। घरों में त्यौहार का माहौल बन जाता है। घरों में सफाई, पुताई और रंग रोगन का काम भी लोग शुरु कर देते हैं, यह सब दिवाली तक चलता है। नवरात्रि के दौरान लोगों के घर पूजा पाठ होता है। मां दुर्गा के भव्य पांडाल सजाए जाते हैं। घरों में कन्या भोज कराया जाता है।

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इस बार कोरोना महामारी की वजह से कई सारी पाबंदियां ज़रुर हैं लेकिन लोग सहजता और सतर्कता के साथ पूजा पाठ में लीन हो चुके हैं। आईए आपको नवरात्रि से जुड़ी कुछ पौराणिक कथाएं बताते हैं।

नवरात्रि पौराणिक कथा 1: महिषासुर के वध के लिए शक्ति का जन्म

  • माना जाता है कि महिषासुर नामक राक्षस ने तपस्या कर अपार शक्तियां हासिल कर ली थी। जिसके बाद उसने देवताओं को स्वर्ग से भगाकर वहां कब्ज़ा कर लिया था। महिषासुर की शक्तियों से पराजित होने के बाद सभी देवता बृह्मा, विष्णु और महेश के पास मदद मांगने पहुंचे।
  • तब महिषासुर का वध करने के लिए बृह्मा विष्णु और शिव ने अपने शरीर से ऊर्जा उत्पन्न कर एक आकृति बनाई। साथ ही सभी देवताओं ने भी अपनी शक्तियां उस आकृति में डाली। यही आकृति सभी देवताओं और त्रिमूर्ति की शक्ति के साथ शक्ति का रुप दुर्गा कहलाई।
  • दुर्गा में सभी देवताओं की शक्ति थी, उनके पास शिव का त्रिशूल था, बृह्मा का कमल और विष्णु का चक्र। उनके पास अग्नि , वायु, जल, हिम देवों द्वारा मिली शक्तियां थी। दुर्गा सर्वशक्तिमान थी। इन सभी शक्तियों के साथ दुर्गा युद्ध के लिए तैयार थी।
  • कहते हैं दुर्गा और महिषासुर के बीच कुल 9 दिन तक युद्ध चला, इस दौरान देवी मां ने 9 रुप धारण किए। इसीलिए नवरात्र के दौरान 9 दिनों तक अलग-अलग रुपों की पूजा की जाती है।

नवरात्रि पौराणिक कथा 2: रावण को हराने का मिला राम को वरदान

  • दूसरी कथा है भगवान राम द्वारा की गई देवी मां की उपासना से जुड़ी। जब रावण सीता मां का हरण कर लंका ले गया तब भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने का निष्चय किया था। इसे अच्छाई की बुराई पर जीत के रुप में देखा गया।
  • भगवान राम को रावण से युद्ध के लिए लंका जाना था। इसके लिए उन्हें समुद्र पार करना था। युद्ध से पहले भगवान राम ने रामेश्वरम में मां भगवती की 9 दिन तक उपासना की। देवी मां ने खुश होकर उन्हें लंका विजय का वरदान दिया।
  • दसवे दिन भगवान राम ने रावण का वध किया। इस दिन को विजय दशमी के रुप में मनाया जाता है। 9 दिन तक चलने वाली देवी की अराधना के बाद दसवे दिन देश भर में दशहरा मनाया जाता है। इस दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है।

नवरात्रि से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत

नवरात्र NAVRATRI 2020 भारत की संस्कृति में रचा बसा त्योहार है। अलग-अलग राज्यों में यह त्यौहार अलग अलग ढंग से मनाया जाता है। कहीं नौ दिन तक रामलीला का मंचन होता है तो कहीं नौ दिनों तक देवी की उपासना में लोग लीन रहते हैं। नवरात्रि के दौरान गांवों में जत्रा, मेले, हाट लगाए जाते हैं। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। गुजरात में नौ दिन गरबा खेला जाता है तो पश्चिम बंगाल में पूजो के लिए पांडाला सजाए जाते हैं।

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नवरात्रि का महत्व

नवरात्रि NAVRATRI 2020 में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है। नौ दिनों में घरों में लोग उपवास रखते हैं, पूजा पाठ करते हैं और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन करते हैंं। माना जाता है कि नौ दुर्गा में पूजा करने से सभी तकलीफें दूर हो जाती हैं। दुर्गा हर काम संभव बनाने की शक्ति प्रदान करती है।

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