Home » HOME » अभी खत्म नहीं हुआ खेल, फिर से कांग्रेस के पाले में आ सकती है गेंद

अभी खत्म नहीं हुआ खेल, फिर से कांग्रेस के पाले में आ सकती है गेंद

Madhya Pradesh By Election Results 2020: BJP and Congress winning candidate full list Madhya Pradesh by-election 2020 Khandwa Mandhata seat result BJP candidate Narayan Patel WON Congress Uttam Patel defeated Shivraj government accepted KamalNath's 27 lakh Farmers loan waived of Madhya Pradesh Kamalnath Goverment in Crisis

Ground Report | Bhopal

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद मचे सियासी घमासान में अभी कई मोड़ आने बाकी हैं। बताया जा रहा है कि अभी पूरी तरह सत्ता की चाबी बीजेपी के हाथ नहीं लगी है। ज्योतिरादित्य खेमें के 22 विधायकों में से 10 विधायक और 3 मंत्रियों ने भाजपा में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इसी के साथ कयास लगाए जा रहे हैं कि दोबारा कमलनाथ अपनी सत्ता बचाने में कामयाब हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए महाराष्ट्र में अजित पवार के साथ सरकार बनाने और फिर गिर जाने वाली ट्रैजेडी दोहरा सकती है। असमंजस की स्थिति में फंसी मध्यप्रदेश की सियासत दिलचस्प होती जा रही है। आपको पहले हम मौजूदा नंबर गेम समझाते हैं-

number game of MP Vidhansabha

अगर सिंधिया खेमें के 22 में से 10 विधायक भाजपा में शामिल नहीं होते हैं तो कांग्रेस के पास 108 विधायक हो जाएंगे जो कि भाजपा से 1 ज्यादा होगा। यानि 1-2 विधायक के अंतर से भाजपा और कांग्रेस के बीच लड़ाई होगी। इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी दोनों अपने अपने विधायकों को राज्य के बाहर भेज रही है।

READ:  Jagdish Sagar main Vyapam accused arrested, found with live cartridges

5 बड़ी बातें-

  1. मध्यप्रदेश की सियासत का खेल आंकड़ों की बाज़ीगरी में अटक चुका है। सूत्रों के मुताबिक अभी स्थिति साफ नहीं है। कांग्रेस के डीके शिवकुमार ने कहा कि कमलनाथ की सरकार को कोई खतरा नहीं है। वहीं कमलनाथ ने कहा कि हम 5 साल पूरे करेंगे।
  2. उधर भाजपा में अंदरूनी खींचतान शुरु हो गई है। पार्टी में कुछ विधायक नरोत्तम मिश्रा को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। वहीं शिवराज सिंह चौहान भी असमंजस की स्थिति में हैंं।
  3. कांग्रेस से भाजपा में गए सिंधिया को राज्यसभा भेजकर केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है। सिंधिया आज होंगे भाजपा में शामिल।
  4. सिंधिया की बगावत के बाद कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधियां की हैं। उन्होंने पद के लालच में कर्तव्यों से समझौता किया है।
  5. सिंधिया खेमें के विधायक जो बेंगलुरु गए थे। उनमें से 10 विधायक और 3 मंत्रियों ने कहा हम सिंधिया के समर्थन में आए थे भाजपा में शामिल होने नहीं।
READ:  What is Nemawar Tribal family Massacre case?

मध्यप्रदेश के दिलचस्प खटनाक्रम की लाईव अपडेट के लिए ग्राउंड रिपोर्ट के लाईव ब्लॉग पर नज़र बनाए रखें।

ग्राउंड रिपोर्ट के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।