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MP Elections: मध्य प्रदेश में 75% वोटिंग लेकिन इस गांव में नहीं डाला गया एक भी वोट

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रीवा, 28 नवंबर |अविनीश कुमार

विधानसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में जहां 75 फीसदी मतदान हुआ है वहीं प्रदेश के रीवा जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां एक भी वोट नहीं डाला गया। पढ़े रीवा से हमारे संवादताता अविनाश कुमार की यह ग्राउंड रिपोर्ट…

मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से सत्ता पर काबिज शिवराज सरकार भले ही विकास का नारा बुलंद कर रही हो लेकिन उसके विकास और उसी गति अपने आप में सवालों के घेरे में हैं। यही कारण है कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर जहां 66 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई वहीं रीवा जिले के देवतालाब विधानसभा के अन्तर्गत आने वाले बदौंआ में एक भी वोट नहीं डाला गया।

ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मतदान बहिष्कार किया। कारण था गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव। ग्रामिण बीते कई सालों से गांव में सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन इतने सालों बाद भी यहां सड़क के लिए रेत गिट्टी और सीमेंट तक नहीं पहुंचा। खास बात यह है कि यहां वर्तमान में बीजेपी के ही विधायक हैं, जिनका नाम गिरीश गौतम हैं।
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रीवा जिला के देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में आने वाले इस बदौंआ के लोगों सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि इस चुनाव में वे हिस्सा नहीं लेंगे। अपने गांव में विकास न होने से नाराज़ ग्रामिणों ने चुनाव को बहिष्कार करने का फैसला किया था इसका मुख्य कारण थआ गाँव बंदौआ को एक अन्य गांव खर्रा से नहीं जोड़ना।

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बिजली, पानी और सड़क की समस्या के अलावा तहसील स्तर पर हो रहे घोर भ्रष्टाचार के मुद्दों को ग्रामिणों ने वर्तमान विधायक गिरीश गौतम और एसडीएम सहित सभी उत्तरदायी अधिकारियों के सामने उठाया लेकिन लेकिन सभी जगह निराशा ही हाथ लगी।

राष्ट्रीय किसान संगठन ने गाँव के मुद्दे को लेकर गाँव की जनता के साथ लगातार संघर्ष किया इसके बाबजूद भी किसी तरह की सफलता हाथ नहीं लगी। बीते पांच वर्षों में न तो बीजेपी विधायक गिरीश गौतम ने अपनी विधायक निधि से, न ही सांसद निधि और न ही सरकारी अधिकारीयों की ओर से गांव के विकास के लिए कोई कदम उठाया गया।

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ग्रामिणों ने चुनाव से पहले ही गांव में एक बैठक की, जिसके बाद गांव की जनता यह निष्कर्ष पर पहुंची कि विकास कार्यों में गांव की उपेक्षा करने के कारण सभी ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

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