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MP bypolls : बीएसपी की ये रणनीति बिगाड़ सकती है सिंधिया-शिवराज-कमालनाथ का खेल

Madhya Pradesh By Elections 2020: High Court order is big shock for Kamal Nath-Shivraj singh chouhan-jyotiraditya Scindia
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(MP bypolls) मध्य प्रदेश में कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में आए 25 विधायकों के साथ 2 सीटों पर दिवंगत हुए विधायको की वजह से खाली पड़ी 27 सीटों पर उपचुनाव जल्द ही कराए जा सकते हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव को लेकर अपनी अपनी कमर कस ली है। गौरतलब है कि जिन 27 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 16 सीटें तो अकेले ग्वालियर चंबल क्षेत्र में आती है जहां पर दलित वोट बैंक बहुत अहमियत रखता है। इसी वजह से राजनीतिक पंडितों की माने तो इस बार मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव की जंग त्रिकोणीय हो सकती है। जिसमें कांग्रेस बीजेपी के साथ बसपा भी लगातार चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं।

डेढ़ साल पहले हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान बसपा ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन उसे उम्मीदों के विपरीत मात्र दो सीटों (भिंड व पथरिया) पर ही सफलता मिली थी। लेकिन अब प्रदेश में एक साथ 27 सीटों पर पहली बार उपचुनाव होने जा रहे है जिनमें से 11 सीटों पर बसपा पूर्व में काबिज रह चुकी है, इसलिए अमूमन उपचुनाव से परहेज करने वाली बसपा को लग रहा है कि अगर उसका दांव चल गया तो इस उपचुनाव से मध्य प्रदेश में वह ‘किंग मेकर’ की भूमिका में भी आ सकती है।

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इसलिए बसपा मध्य प्रदेश उपचुनाव (MP bypolls) को लेकर प्रत्याशियों की सूची जारी करने वाली पहली पार्टी बन गई है। बहुजन समाज पार्टी ने ग्वालियर-चंबल की आठ सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं।इनमें से ज्यादातर सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। ग्वालियर-चंबल के क्षेत्र में बसपा का अच्छा खासा वोटबैंक है , 2018 के चुनावों में यहां की ज्यादातर सीटों में बसपा के प्रत्याशी दूसरी पोजीशन पर रहे थे। बसपा के द्वारा घोषित की गई उम्मीदवारों की पहली सूची में मुरैना की जौरा सीट से सोनाराम कुशवाहा (पूर्व विधायक बसपा) मुरैना से राम प्रकाश राजोरिया, मुरैना की अंबाह से भानु प्रताप सिंह सखवार, भिंड की मेहगांव सीट से योगेश मेघसिंह नरवरिया, भिंड की गोहद से जसवंत पटवारी, ग्वालियर की डबरा से संतोष गौड़, शिवपुरी की पोहरी से कैलाश कुशवाहा और शिवपुरी की करैरा सीट से राजेंद्र जाटव के नाम पर मुहर लगाई गई है।

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कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकती है बसपा

बसपा इन उपचुनाव (MP bypolls) में अगर जीत नहीं भी दर्ज कर पाती है तो वो कांग्रेस के वोट बैंक पर सेंध जरूर लगा सकती है। जिन सीटों की घोषणा की गई है, इनमें ज्यादातर सीटों पर 2018 में बसपा के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे। अब कांग्रेस के साथ जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नहीं हैं। ऐसे में इन चुनावों में बसपा भारतीय जनता पार्टी को ही फायदा पहुंचाती दिख रही है।

मध्य प्रदेश बसपा के अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी सीटों पर तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग की 11 सीटों पर अलग-अलग समय में बसपा काबिज रह चुकी है ग्वालियर-चंबल संभाग की सभी 16 सीटों पर हमारा जनाधार है, इसलिए हम जीतने के लिए ही चुनाव लड़ेंगे।

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ग्वालियर-चंबल संभाग में कितना दम है बसपा के दावों में


बसपा का दावा है कि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-चंबल संभाग की 15 सीटों पर उसे निर्णायक वोट मिले थे। दो सीटों पर उसके प्रत्याशी दूसरे क्रम पर रहे, जबकि 13 सीटें ऐसी थीं, जहां बसपा प्रत्याशियों को 15 हजार से लेकर 40 हजार तक वोट मिले थे। ग्वालियर-चंबल की जिन सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं, उनमें से मेहगांव, जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, भांडेर, करैरा और अशोकनगर में पूर्व में बसपा जीत दर्ज करा चुकी है। पिछले चुनाव में गोहद, डबरा और पोहरी में बसपा दूसरा दल रहा, जबकि ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व और मुंगावली में उसकी मौजूदगी नतीजों को प्रभावित करने वाली साबित हुई।

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क्या कहता है वोटों का गणित

अगर डेढ़ साल पहले हुए वोट के गणित को समझे तो बसपा के दावों में दम नजर आता है।2018 के विधानसभा आम चुनाव में बसपा ने ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर निर्णायक वोट हासिल किए थे। इनमें अंबाह 22179,गोहद 15477, डबरा 13155, दिमनी 14458, पोहरी 52736, भांडेर 2634, मुंगावली 14202, मुरैना 21149, मेहगांव 7579, अशोकनगर 9559, करैरा 40026, ग्वालियर 4596, ग्वालियर पूर्व 5446 , बमोरी 7176, सुमावली 31331 एवं जौरा में बसपा प्रत्याशी को 41014 वोट मिले थे। ऐसे में अगर इन समीकरणों की माने तो उपचुनाव में बसपा की भूमिका काफी अहम हो जाती है।

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