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MP by-elections : कांग्रेस इतनी सीटें जीत गई तो फंस सकता है सिंधिया-शिवराज का पेंच

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MP by-elections : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लंबे समय से कमलनाथ और शिवराज के बीच सियासी जंग जारी है। मध्य प्रदेश में 27 विधनासभा क्षेत्रों में होने वाला उपचुनाव कमलनाथ की साख का चुनाव होगा। साथ ही ये उपचुनाव सिंधिया बनाम कांग्रेस (Congress) भी होने वाला है। चुनाव आयोग ने सभी 27 सीटों पर 29 नवंबर से पहले वोटिंग करा लेने का संदेश दिया है।

15 महीनों में सत्ता बेदखल होने वाली कांग्रेस मध्य प्रदेश उपचुनाव (MP by-elections) में सभी 27 सीटों को जीतने का दावा कर रही है। कांग्रेस के कुछ नेताओं और पार्टी के राणनीतिकारों से मिल रही ख़बरों की माने तो कांग्रेस पार्टी का सारा फोकस 12 से 15 उन सीटों पर है जिसमें उसे आसानी से फतह मिलने की उम्मीद है और कांग्रेस का इन सीटों पर दबदबा बना रहा है।

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जिन 27 सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें से 22 ऐसी सीटें हैं जिसके विधायक कांग्रेस छोड़कर सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। इसकी वजह से सरकार गिरी थी और कमलनाथ मुख्यमंत्री से पूर्व सीएम हो गए थे। कांग्रेस और कमलनाथ के पास उपचुनावों में खोने के लिए कुछ नहीं है, पर पाने के लिए बहुत कुछ है।

पार्टियों की स्थिति पर ग़ौर करें तो सतही तौर पर बीजेपी में कांग्रेस के मुकाबले असंतोष कहीं ज्यादा नज़र आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि 25 विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी को उन लोगों को उम्मीदवार बनाना पड़ रहा है जो पिछले दिनों कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं। इस स्थिति ने ही पार्टी में असंतोष के बीज बोए हैं। उधर कमलनाथ इसी असंतोष का फायदा उठाने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं। इसके साथ ही कमलनाथ सिंधिया पर लगातार ज़ुबानी हमले कर रहे रहैं।

मध्यप्रदेश में बड़ा उलटफेर कर सकती है कांग्रेस

पार्टी उपचुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश में प्रतिष्ठा और सत्ता दानों वापस पा सकती है। अगर पार्टी अपने प्रारंभिक लक्ष्य के मुताबिक 12 से 15 सीटें भी जीतने में कामयाब हो जाती है तो वह भी ऐसा ही खेल खेलने की स्थित में आ जायेगी, जो बीजेपी ने उसके साथ खेला था।

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चूंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इनमें से ज्यादातर सीटों पर बड़ी जीत हासिल की थी, इसलिए माना जा रहा है कि इस उपचुनाव में भी वह भाजपा को यहां पर कड़ी टक्कर देगी। अपने सहयोगियों के साथ इस समय 99 पर टिकी कांग्रेस को अगर 27 में 16-17 सीटें भी मिल जाती हैं, तो मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।

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मौजूदा राजनैतिक परिदृष्य की बात करें तो भाजपा के पास 107 विधायक हैं और कांग्रेस के पास मात्र 89। यदि माने की उपचुनाव में कांग्रेस 15 सीटें जीतती है तो भाजपा का आंकड़ा 119 होगा यानि बहुमत से 5 ज्यादा ऐसे में सरकार पर हमेशा ही अस्थिरता का खतरा बना रहेगा।

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वहीं चुनावी सरगर्मियों के बीच मध्य प्रदेश उपचुनाव (MP by-elections) को लेकर चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी 27 सीटों पर 29 नवंबर से पहले वोटिंग करा ली जाएगी। इलेक्शन कमीशन ने शुक्रवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि, बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही उपचुनाव भी करवाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि, देश भर में 64 ऐसी विधानसभा सीट है जहां उपचुनाव होने हैं इसमें मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटें भी शामिल हैं।

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