सांभर झील के किनारे 17,000 से ज़्यादा पक्षियों की मौत के कारणों का कोई पता नहीं!

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Ground Report । Newsdesk

राजस्थान के जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों में फैली सांभर झील एशिया के पक्षियों की सबसे बड़े सामूहिक मृत्यू स्थल में तब्दील हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस झील के किनारे 17,000 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है। सांभर झील नमक के लिए दुनियाभर में प्रसिद्व है।

सांभर झील के किनारे अब तक 17,000 से ज्यादा पक्षियों की मौत के सही कारणों का कोई पता नहीं। अब तक इस झील के आस-पास 32 प्रजातियों के पक्षियों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार का दावा है कि वे कारणों का पता लगाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

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गहलोत ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि सांभर झील इलाके में पक्षियों की मौत चिंताजनक है। राज्य सरकार ने पक्षियों के मरने के कारणों का पता लगाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। यही नहीं, वह इस तरह की घटना को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 32 प्रजातियों के पक्षियों की मौत हो चुकी है। जयपुर जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने बताया कि पक्षियों की मौत शायद बोटुलिज्म के कारण हुई है। बोटुलिज्म का अर्थ है, मृत पक्षियों के जीवाणुओं से पक्षियों में पनपी अपंगता।

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हालांकि पिछले हफ्ते भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई-सिक्योरिटी डिजीज ने अपनी रिपोर्ट में पक्षियों की मौत के लिए ऐसी कोई बीमारी होने के तर्क को खारिज कर दिया था।

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