तेज़ी से गिरती देश की अर्थव्यवस्था को एक और झटका, मूडीज़ ने घटाई रेटिंग

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Ground Report । News Desk

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने बीते शुक्रवार को भारत को तगड़ा झटका दिया था।  वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने भारत की साख यानी क्रेडिट रेटिंग आउटलुक नकारात्मक कर दिया। इसे साख को घटाने की दिशा में पहला कदम माना जाता है। मूडीज ने भले ही कहा कि सरकार आर्थिक कमजोरी का हल निकालने में आंशिक तौर पर कामयाब रही है, लेकिन आगे विकास दर नीचे रहने का जोखिम बढ़ गया है।

आर्थिक मोर्चे पर लगातार मुश्किलों में घिरी मोदी सरकार को एक और झटका लगा है। मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.8 से 5.6 फीसदी कर दिया है। मूडीज ने कहा है कि जीडीपी स्लोडाउन पहले की अपेक्षा लंबे समय तक जारी है।

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने गुरुवार को भारत के आर्थिक विकास के अनुमान को चालू वर्ष के लिए अनुमानित 5.8 प्रतिशत से घटाकर 5.6 प्रतिशत कर दिया है। बता दे कि एक बयान में मूडीज ने कहा कि ”हमने भारत के लिए अपने विकास के पूर्वानुमान को संशोधित किया है। अब हम जीडीपी ग्रोथ रेट 2019 में 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाते हैं, जो 2018 में 7.4 प्रतिशत था। यह उम्मीद है कि आर्थिक एक्टिविटी 2020 और 2021 में 6.6 प्रतिशत और 6.7 प्रतिशत होगी।

दरअसल इससे पहले मंदी की मार झेल रहे भारत को आर्थिक मोर्चे पर झटका देते हुए अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की रेटिंग घटाकर ‘स्टेबल’ से ‘नेगेटिव’ कर दी थी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अर्थव्यवस्था का बेहद धीमी गति से बढ़ना और लगातार बढ़ता सरकार का कर्ज माना गया था।