Wed. Jan 29th, 2020

groundreport.in

News That Matters..

मोदी सरकार ने विज्ञापनों में फूंके 4,480 करोड़ रुपये, बन सकते थे 20 नए AIIMS अस्पताल

फाइल फोटो

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नई दिल्ली, 12 अगस्त। 4 हजार 4 सौ 80 करोड़ रुपये ये इतनी बड़ी रकम है जिससे कि 45 करोड़ बच्चों को एक साल के लिए मिड डे मिल, करीब 60 लाख नए शौचालय, 20 से ज्यादा नए एम्स अस्पतालों का निर्माण और 10 मंगलयान मिशन चलाए जा सकते थे, लेकिन तथ्यों की माने तो विकास का नारा बुलंद कर सत्ता में मोदी सरकार ने बीते चार सालों में इतनी बड़ी रकम सिर्फ अपने प्रचार-प्रसार में ही फूंक दी।

यह भी पढ़ें: स्विस बैंको में जमा भारतीय धन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी, क्या विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के मोदी सरकार के सारे प्रयास असफल हो चुके हैं?

इंडिया स्पेंड की खबर के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार ने 52 महीनों में अप्रेल 2014 से जुलाई 2018 के बीच अपनी फ्लैगशिफ योजना के तहत एडवर्टिसमेंट पर करीब 754 मिलियन डॉलय यानी 4,480 करोड़ रुपये फूंक दिए। यह बात हाल ही में सम्पन्न हुए संसद सत्र में केन्द्रीय राज्य सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने राज्यसभा में बताई थी।


यह रकम यूपीए सरकार द्वारा विज्ञापनों पर खर्च की गई रकम से दोगुनी है। आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली की एक याचिका पर यह तथ्य सामने आया था कि यूपीए-2 ने मार्च 2011 से मार्च 2014 के बीच करीब 37 महीनों में 2 हजार 48 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए थे, लेकिन एनडीए सरकार ने बीते चार महीनों में इस रकम से ठीक दोगुना यानी 4 हजार 4 सौ 80 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए हैं।

यह भी पढ़ें: स्वास्थ व्यवस्था की बदहाली पर उठाई आवाज़ तो डॉक्टरों का करियर बर्बाद करने पर उतर आई सरकार

इसी साल जुलाई के महीनें में जब यह आंकडे सामने आए थे तो सरकार की जमकर आलोचना भी हुई थी। सरकार पर जनता के पैसों का दुरपुयोग करने और उसका सही योजनाओं में खर्च न करने के आरोप भी लगाए गए थे। हांलाकि यह तथ्य वाकई में हैरान करने वाला है। देश में स्वास्थय समस्याओं को दुरुस्त करने के लिए देश में जहां इस रकम से 20 नए एम्स अस्पताल बनाए जा सकते थे वहीं सिर्फ विज्ञापनों इतनी बड़ी रकम खर्च कर देना वाकई में हैरान करने वाली बात है।

समाज और राजनीति की अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर फॉलो करें- www.facebook.com/groundreport.in/

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

SUBSCRIBE US