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वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने सिल्वर जीत रचा इतिहास, टोक्यो ओलंपिक में भारत को मिला पहला मेडल

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मीराबाई चानू

टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) के पहले ही दिन भारत (India) मेडल लिस्ट में अपना खाता खोलने में कामयाब हो गया है। मीराबाई चानू (Meera Bai Chanu) ने वेटलिफ्टिंग ( weightlifting) में महिला 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर (winning silver medal) इतिहास रच दिया है। ओलंपिक खेलों (olympic games) के इतिहास में भारत का यह पांचवां सिल्वर मेडल है। मीराबाई चानू दूसरी महिला वेटलिफ्टर ( women weightlifter) हैं, जिन्होंने ओलंपिक (olympic) में भारत के लिए मेडल जीता है। भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ( women weightlifter Meera Bai Chanu) ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में देश को पहला मेडल दिला दिया है। चानू ने टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में पदक का भारत का 21 साल का इंतजार खत्म किया और रजत पदक (silver medal) जीतकर देश का खाता भी खोला।

26 साल की चानू ने क्लीन एवं जर्क में 115 किग्रा और स्नैच में 87 किग्रा से कुल 202 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक (silver medal) अपने नाम किया। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को भारोत्तोलन में कांस्य पदक दिलाया था। चीन की होऊ झिऊई ने कुल 210 किग्रा (स्नैच में 94 किग्रा, क्लीन एवं जर्क में 116 किग्रा) से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका ने कुल 194 किग्रा (84 किग्रा +110 किग्रा) का वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। बता दें मीराबाई 2017 में वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (48 किलो) की चैंपियन बनी थीं। उन्होंने इस साल अप्रैल में में 86 किलो स्नैच और वर्ल्ड रेकॉर्ड 119 किलो वजन उठाकर खिताब जीता था। उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

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यह पदक मीराबाई के लिए इसलिए मायने रखता है क्योंकि 2016 में हुए रियो ओलंपिक के उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टोक्यो के लिए क्वालीफाई करने वाली इकलौती वेटलिफ्टर मीराबाई का रियो ओलंपिक में क्लीन एंड जर्क में तीन में से एक भी प्रयास वैलिड नहीं हो पाया था, जिससे 48 किग्रा में उनका कुल वजन दर्ज नहीं हो सका था। पांच साल पहले के इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्होंने वापसी की और 2017 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में और फिर एक साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपने आलोचकों को चुप कर दिया।

हालांकि वह अपने अंतिम प्रयास में 117 किग्रा का वजन उठाने में असफल रहीं लेकिन यह उन्हें पदक दिलाने और भारत का खाता खोलने के लिये काफी था। पदक जीतकर वह रो पड़ीं और खुशी में उन्होंने अपने कोच को गले लगाया। बाद में उन्होंने ऐतिहासिक पोडियम (historic podium) स्थान हासिल करने का जश्न नाचकर मनाया।

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मीराबाई चानू (Meera Bai Chanu) के मेडल जीतते ही पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। मीराबाई चानू ने अपनी सफलता से पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। मीराबाई चानू की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है।

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