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सीहोर में कितनी है बाहरी राज्यों से आए लोगों की संख्या?

ग्राउंड रिपोर्ट। सीहोर

एक शहर से दूसरे शहर, एक राज्य से दूसरे राज्य और एक देश से दूसरे देश की ओर पलायन दुनिया भर में निरंतर जारी रहता है। इंसान पहले एक घूमंतू जीव हुआ करता था, हर-पल अपनी जगह बदलना उसके जीवन का हिस्सा था। सभ्यता के विकास के साथ हम स्थायी होते चले गए। लेकिन आज भी पलायन जारी है, बस इसका स्वरुप थोड़ा अलग है। आज हम रोज़गार की तलाश में अपनी ज़मीन, अपनी संस्कृति छोड़ दूसरे राज्यों और शहरों में जाते हैं और वहां की संस्कृति और माहौल को अपनाकर वहीं बस जाते हैं। धीरे-धीरे वो अजनबी शहर भी हमें अपना लेता है। आज हम बात करेंगे ऐसे ही बाहरी राज्यों से आए लोगों की जिन्होने पिछले दस सालों में सीहोर शहर को अपनाया और यहीं बस गए। यह आंकड़े जनगणना विभाग, भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए। 2011 जनगणना पर आधारित यह आंकड़े पूरे देश में हुए लोगों के पलायन पर प्रकाश डालते हैं।

सीहोर जिले में आए अलग-अलग राज्यों से लोग

पिछले दस सालों में 5,647 लोग अपना गृह राज्य छोड़कर सीहोर शहर में आकर बसे। विभिन्न कारणों से आए इन लोगों ने सीहोर शहर को स्थाई रुप से अपना लिया। इसमें से 3,746 लोग ग्रामीण पृष्ठभूमी के थे और 1901 शहरी पृष्ठभूमी के। अगर राज्यवार इन आंकड़ों पर नज़र डालें तो सबसे ज़्यादा उत्तर-प्रदेश से 1691 लोग सीहोर में आकर बसे, उसके बाद राजस्थान से 754 और बिहार से 753 लोगों ने सीहोर शहर को अपनाया। महाराष्ट्र से 672, छत्तीसगढ़ 502, पश्चिम बंगाल 297, झारखंड 270, गुजरात 150, पंजाब 80, केरल 42, दिल्ली 71 और जम्मू-कश्मीर से 6 लोग आए और सीहोर में बसे। तो अब आप समझ ही गए होंगे की आपके शहर में भारत के हर हिस्से से आए लोग रहते हैं।

मध्यप्रदेश में आए सबसे ज़्यादा यूपी से लोग

अगर हम पूरे मध्यप्रदेश में दूसरे राज्यों से हुए पलायन की बात करें तो यह आंकड़ा 90 लाख 5 हज़ार 828 है। जिसमें सबसे ज़्यादा हिस्सा उत्तरप्रदेश से आए 3 लाख 20 हज़ार 604 लोगों का है, राजस्थान से 160310, महाराष्ट्र 158335, छत्तीसगढ़ 57514, बिहार 52280, पश्चिम बंगाल 20002, दिल्ली 14266 और जम्मू कश्मीर से 3638 लोग मध्यप्रदेश में आकर बसे। 90 लाख 5 हज़ार 828 में 3,13,931 महिलाएं और 5,89,897 पुरुष हैं।

डेटा सोर्स- http://www.censusindia.gov.in/2011census/population_enumeration.html

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