मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए..

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Ground Report | Newsdesk

मिड डे मील योजना को लेकर लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने बताया कि बीते तीन वर्षों में देश भर में मिड डे मील खाने के बाद 931 बच्चे बीमार पड़ने की शिकायत सामने आई हैं। 2017 में उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के सात मामले दर्ज किए गए। 2018 में तीन और 2019 में चार मामले दर्ज हुए। बीते तीन साल में बिहार में कुल 11 मामले दर्ज हुए।

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक बताया कि बीते तीन साल में देश भर में मिड डे मील खाने के बाद 931 बच्चे बीमार पड़ने की शिकायत सामने आई हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री ने सोमवार को बताया कि बीते तीन साल में देश भर से भ्रष्टाचार को लेकर 52 शिकायतें मिली हैं। जिनमें से सर्वाधिक 14 उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं हैं। इसके बाद बिहार में सात मामले दर्ज किए गए। इन 52 में से 47 मामलों की जांच की जा रही है ।

लोकसभा में सांसदों भातृहरि महताब, अन्नपूर्णा देवी, राहुल रमेश शेवाले और वसंतकुमार एच के सवालों के जवाब में यह जानकारी दी गई। साथ ही, बीते तीन साल सहित इस साल अभी तक देश भर में मिड डे मील खाने के बाद 931 बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। सर्वाधिक शिकायतें झारखण्ड राज्य से मिलीं, जहां मिड डे मील खाने के बाद 259 बच्चे बीमार हुए।

पोखरियाल ने कहा, ‘राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों से इस मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी गई है।’उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एटीआर रिपोर्ट मिलने के बाद इसके लिए जिम्मेदार अधिकार को जवाबदेह ठहराने, संबंधित एनजीओ/संगठन का कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने, आपराधिक कार्रवाई शुरू करके और डिफॉल्टर लोगों/अधिकारियों/संगठनों पर जुर्माना लगाए गए।

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