मेवालाल चौधरी नीतीश के मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप

नीतीश के शिक्षामंत्री मेवालाल चौधरी क्यों हैं सुर्खियों में?

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नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो गया है और विभागों का बंटवारा भी। इसमें जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम सामने आया वो है मेवालाल चौधरी का, जिनपर नियुक्ति घोटाले के आरोप लग चुके हैं। मेवालाल चौधरी को नीतीश सरकार में शिक्षामंत्री बनाया गया है। आईये जानते हैं ऐसी क्या मजबूरी रही जो मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बना दिया गया।

कौन हैं मेवालाल चौधरी?

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में वर्ष 2012-13 के दौरान हुए नियुक्ति घोटाले में तत्कालीन वीसी और वर्तमान में मंत्री बनाये गये मेवालाल चौधरी पर लगे आरोप सही पाये गये थे। राजभवन द्वारा नियुक्ति में हुई अनियमितता की जांच का निर्देश दिये जाने के बाद हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस ने इसकी जांच की थी। राजभवन के निर्देश पर ही फरवरी, 2017 में पूर्व कुलपति के खिलाफ सबौर थाना में केस दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में उन पर लगे आरोप सही पाये गये थे पर अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गयी है। एसएसपी का कहना है कि कुछ बिंदुओं पर जांच जारी है, इसलिए चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है।

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क्या था मामला?

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 2012-2013 में लगभग 160  सहायक प्राध्यापक व कनीय वैज्ञानिकों की नियुक्ति में अनियमितता बरती गई थी। बहाली के लिए चयन समिति के अध्यक्ष व तत्कालीन कुलपति मेवालाल चौधरी ने प्रो. राजभजन वर्मा को ऑफिसर इंचार्ज (नियुक्ति) और अमित कुमार को सहायक निदेशक (नियुक्ति) बनाया था। आरोप लगा था कि दोनों ने बहाली में धांधली की और पास अभ्यर्थिर्यो को फेल कर वेबसाइट पर रिजल्ट जारी कर दिया था।

लालू प्रसाद यादव ने बोला हमला

रांची में चारा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने नियुक्ति घोटाले में आरोपी को शिक्षा मंत्री पद दिये जाने को लेकर नीतीश और भाजपा पर हमला बोला। लालू ने ट्वीट कर लिखा कि विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं। लालू यहीं नहीं रूके उन्होंने लिखा कि तेजस्वी जहां पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियां देने को प्रतिबद्ध थे वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दिया।

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