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सरकार नया MOU करने से पहले यह बताती कि पिछले वर्षों में साइन किए गए MOU का क्या हुआ ?

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Ground Report News Desk । UP

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर केंद्र और यूपी सरकार को फिर घेरा है. उन्होंने कहा कि सरकार चीन से लौट रही कंपनियों के इंतजार में न रहे. सरकार को नसीहत देते हुये बसपा सुप्रमो ने कहा कि राज्य सरकार को अपने बूते आत्मनिर्भर बनना चाहिये. ट्विटर पर बेहद सक्रिय रहन वाली मायावती ने सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि एमओयू साइन करने का छलावा फिर से शुरू हो गया है. बसपा अध्यक्ष ने चार ट्वीट किये और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिये जमीन पर एमओयू को उतारने की बात कही.

मायावती ने लिखा कि लॉकडाउन के कारण बेरोजगारी व बदहाली में घर लौटे सर्वसमाज के लाखों श्रमिकों को जरूरी प्रभावी मदद पहुंचाने के बजाय यूपी में एमओयू हस्ताक्षर व घोषणाओं आदि द्वारा छलावा अभियान एक बार फिर शुरू हो गया है। 

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मयावती ने कहा कि केंद्र व यूपी सरकार को अपने बूते आत्मनिर्भर बनने का प्रयास शुरू करना चाहिए, क्योंकि शेनजेन इकोनोमिक जोन जैसी सड़क, पानी, बिजली आदि की फ्री आधारभूत सुविधा व श्रमिकों को कार्यस्थल के पास रहने की व्यवस्था आदि यहां कहां है.लेकिन चीन के शेनजेन स्पेशल इकोनोमिक जोन जैसी सुविधाएं भारतीय उद्यमियों को देकर उनका सदुपयोग उत्कृष्ट वस्तुओं के उत्पादन के लिए सुनिश्चित किया जाए तो लॉकडाउन में उजड़े छोटे व मझोले उद्योग, पीड़ित श्रमिक वर्ग का हित व कल्याण और भारत को सही मायने में आत्मनिर्भर बनाना थोड़ा आसान हो जाएगा.

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यह अति-दुःखद है. जनहित के ठोस उपायों के बिना समस्या और विक्राल बन जाएगी. उन्होंने लिखा कि अच्छा होता अगर सरकार नया एमओयू करने व फोटो छपवाने से पहले यह बताती कि पिछले वर्षों में साइन किए गए इसी प्रकार के अनेकों एमओयू का क्या हुआ? एमओयू केवल जनता को बरगलाने व फोटो के लिए नहीं हो तो बेहतर है, क्योंकि लाखों श्रमिकों को जीने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की प्रतीक्षा है.

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