Home » लॉक डाउन में 50% बढ़े महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा के मामले

लॉक डाउन में 50% बढ़े महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा के मामले

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

ग्राउंड रिपोर्ट, नेहाल रिज़वी:
दुनिया इस वक्त कोरोना के संकट से जूझ रही है। भारत भी कोरोना की महामारी से जंग लड़ रहा है। देशभर में सम्पूर्ण लॉकडाउन चल रहा। वहीं, लॉकडाउन के कारण घरेलू हिंसा के मामलों में बुहत तेज़ी से बढ़ोत्तरी देखी गई है। मौजूदा परिस्थितयों ने न सिर्फ कई महिलाओं को घरों की चारदीवारी के अंदर कैद कर दिया है, बल्कि कई सारे बच्चे घरों में अपने उत्पीड़कों के साथ रहने को मजबूर हैं।

यह भी पढ़ें: भारत में कोरोना के कम मामले आने का क्या है कारण ? पढ़िए…

“चाइल्डलाइन इंडिया” की उपनिदेशक हरलीन वालिया ने बताया कि देश में लॉक डाउन के चलते घरेलु हिंसा की शिकायतों में इज़ाफ़ा देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि ‘चाइल्डलाइन 1098’ पर 20 मार्च से 31 मार्च के बीच कुल 3.07 लाख कॉल आये। इनमें से 30 फीसदी, यानी 92,105 कॉल बच्चों के साथ होने वाले उत्पीड़न और हिंसा के बारे में थे। वालिया के अनुसार राष्ट्रव्यापी लॉकडाइन की घोषणा के बाद शिकायतों की संख्या में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा हेल्पलाइन को कोरोना वायरस को लेकर सवाल पूछने के लिए 1,677 कॉल प्राप्त हुए और 237 लोगों ने बीमार लोगों की मदद के लिए कॉल किया।

READ:  Itarsi: मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग तेज, इटारसी के युवा हुए मुखर

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पर जताई चिंता

घरेलू हिंसा के मामले केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी बढ़े हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, यूरोप से लेकर दक्षिणी अमेरिका और चीन में पारिवारिक हिंसा के मामले बढ़ गए हैं। हैरत की बात नहीं कि भारत में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस पर चिंता जताई है। आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन के पहले ही हफ्ते में आयोग के सामने महिलाओं के साथ हिंसा के सौ से ज्यादा मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र इसमें आगे हैं। ये वो मामले हैं जहां महिलाओं ने ईमेल या संदेश के जरिए आयोग तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की ।

यह भी पढ़ें: Corona : कानपुर के 13 मुस्लिम क्षेत्रों और 12 मस्जिदों को रेड ज़ोन घोषित कर किया गया सील..

कई देशों ने शुरू किया “वार्निंग सिस्टम”

फ़्रांस में महिलाओं के लिए एक वार्निंग सिस्टम शुरू किया गया है। ये सिस्टम मेडिकल स्टोर और सुपरमार्केट में लगे हुए हैं। हिंसा की पीड़ित महिला को नज़दीक की ऐसी जगहों पर जाकर कोड वर्ड ‘मास्क 19’ कहना होता है और इसके बाद यह संदेश अधिकारियों तक पहुँच जाता है। स्पेन में भी ऐसी ही व्यवस्था है। भारत इन देशों से बिलकुल अलग चरण पर मालूम होता है। हर दिन कोरोना पीड़ितों में बढ़ोतरी हो रही है और फिलहाल देशवासियों के पास घरों में बंद रहने के अलावा कोई चारा नहीं। गली-कूचों में पुलिसकर्मी लट्ठ लेकर लोगों के पीछे दौड़ रहे हैं- लेकिन ऐसे समय में महिलाओं और बच्चों के साथ घरों में क्या हो रहा है ये जानने की हिम्मत इनमें नहीं दिखाई देती।