Madhya Pradesh Ujjain Police Nagjhiri Police station Bihar Sitamarhi Poor laborers rushed to arrest 1400 km cycling, police wore garland, selfie and then sent to jail with respect Madhya Pradesh Ujjain Police Nagjhiri Police station Bihar Sitamarhi Poor laborers rushed to arrest 1400 km cycling, police wore garland, selfie and then sent to jail with respect alwar gangrape case, dalit, rajasthan, rajasthan police, bhim army, jaipur,

फेसबुक पर PM मोदी और BJP की आलोचना करने पर पत्रकार को एक साल की सजा

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इम्फाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी की आलोचना करना एक पत्रकार को इतना भारी पड़ गया कि उसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला बता एक साल की सजा दे दी गई।

ये मामला मणिपुर का है जहां एक पत्रकार को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर सत्ताधारी भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने पर पहले कस्टडी में लिया गया फिर एक महीने बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत एक साल की हिरासत में रखने की सजा सुनाई गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 39 वर्षीय किशोरचंद्र वांगखेम को शुरू में 27 नवंबर को हिरासत में लिया गया था। फेसबुक पर एक वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तौर पर आलोचना करने के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया था।

ALSO READ:  बीजेपी प्रत्याशी सुरेश धाकड़ बोले, मैंने अपने आपको बीजेपी को बेच दिया है लेकिन मैं सिंधिया के लिए बिका हूँ...

पत्रकार किशोरचंद्र को सोशल मीडिया पर कथिततौर पर मणिपुर की बीजेपी शासित सरकार और पीएम मोदी की आलोचना करने के मामले में उसे एक महीने पहले कस्टडी में लिया गया था। अब करीब एक महीने बाद उस पत्रकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाही की गई और अदालती फैसले में उसे एक साल तक हिरासत में रखने की सजा सुनाई गई है।

पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम पर आरोप है कि उसने बीते दिनों फेसबुक पर एक वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और प्रधानमंत्री मोदी की कथित तौर पर आलोचना की थी। जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया था।

ALSO READ:  मध्यप्रदेश में सियासी घमासान, वायरल ऑडियो में कमलनाथ की सरकार गिराने का 'सच' बोल रहे शिवराज!

फेसबुक पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम कथिततौर पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का मणिपुर से कोई संबंध न होने की बात कर रहे हैं और इसके बावजूद उनकी जयंती के कार्यक्रम के आयोजन पर बीरेने सिंह को प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस की कठपुतली कहा था। इस वीडियो में पत्रकार ने सरकार को गिरफ्तार करने की भी चेतावनी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के खिलाफ पत्रकार किशोरचंद्र का परिवार अपील करने की तैयारी में है। बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत अधिकतम हिरासत की अवधि 12 महीने ही होती है।

किशोरचंद्र वांगखेम स्थानीय समाचार चैनल आईएसटीवी से जुड़कर पत्राकरिता कर रहे थे। इस वीडियो को पोस्ट करने से पहले उन्होंने चैनल से इस्तीफा भी दे दिया था। सरकार के इस फैसले पर भारतीय पत्रकार संघ और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने कड़ी निंदा की है।