मंदसौर गोलीकांड विशेष: तीन साल पहले पुलिस की गोलियों से मारे गए थे 6 किसान, अब भी है न्याय का इंतजार!

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Rohit Shivhare | Bhopal

मंदसौर गोलीकांड की आज तीसरी बरसी है। इस दौरान राज्य में तीसरी बार सत्ता परिवर्तन हो चुका है पर अभी तक किसान परिजनों को न्याय नहीं मिला है। प्रदेश सरकार ने गोली कांड की जांच करने के लिए जैन आयोग बनाया था। रिपोर्ट पेश होने और जांच के बाद पुलिस और सीआरपीएफ को क्लीन चिट मिल गई थी।

इस मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विटर के जरिए वर्तमान सरकार को मंदसौर गोलीकांड के जरिए किसानों के मुद्दे पर घेरते हुये लिखा हैं कि आज के ही दिन 6 जून 2017 को प्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में अपना हक़ माँग रहे किसानों के सीने पर शिवराज सरकार में गोलियाँ दागी गयी थी , जिसमें 6 किसानों की मौत हुई थी। इस बर्बर गोलीकांड की तीसरी बरसी पर मृत सभी किसान भाइयों की शहादत को नमन , भावभीनी श्रद्धांजलि।

वे आगे लिखते हैं कि सरकार बदलते ही प्रदेश में वापस किसानों पर दमन शुरू। कहीं किसान की पिटाई से मौत, कहीं ख़रीदी केंद्रो पर अपनी उपज नहीं बिक पाने के तनाव से किसान की मौत, कहीं अपना हक़ माँग रहे किसानो पर लाठियाँ, कहीं भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान, कहीं उपज बेचने को लेकर परेशान व भटकता किसान , ऐसी तस्वीरें अब रोज़ सामने आ रही है।

पूर्व सरकार में मंत्री रहे जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर एक वीडियो जारी किया वे कहते हैं कि देशवासियों आज वही काला दिन है जब किसानों पर गोली चलवा कर उनकी हत्या करवाई गई। आज वही सरकार है वही मुख्यमंत्री है और वैसे ही किसानों की पीड़ा हैं।

गौरतलब है कि 6 जून 2017 को मंदसौर में किसान अपने फल सब्जियां दूध लेकर खेत छोड़कर सड़क पर उतर आए थे जहां उन्होंने अपने फल सड़कों पर फेंक दिए दूध सड़कों पर बहा दिए थे। उचित मूल्य की मांग पर के आमने-सामने थे। प्रदर्शन के दौरान ही पिपलिया मंडी में पुलिस की गोलियों से 5 किसानों की मौत हो गए थे साथ ही एक अन्य किसान की मौत पुलिस की मार की वजह से बाद में हुई थी।