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देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने वाली मोदी सरकार चीन पर नजर रखने के लिए अमेरिका से खरीदेगी 24 हेलीकॉप्टर

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Ground Report News Desk | New Delhi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों लॉकडाउन 4 के साथ देश को 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने देश को पूर्ण आत्मनिर्भर बनाने की भी बात कही थी लेकिन अब खबर है कि मोदी सरकार अमेरिका से युद्धक हेलीकॉप्टर के लिए सौदा कर रही है। इस सौदे के मुताबिक भारत अमेरिका से कुल 24 अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर खरीदेखा। ये हेलीकॉप्टर पूरी तरह से अमेरिका में विकसित होंगे।

एनडीटीवी हिन्दी न्यूज वेबसाइट की एक खबर के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ 90.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का सौदा करने के बाद भारत ने अपनी नौसेना के लिए 24 अत्याधुनिक एन्टी-सबमरीन (पनडुब्बी-रोधी) युद्धक हेलीकॉप्टर हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वर्तमान में भारतीय नौसेना के पास पुरानी तकनीक वाले इंगलैंड में विकसित युद्धक हेलीकॉप्टर मौजूद हैं। ये युद्धक हेलीकॉप्टर साल 1971 में इंग्लैंड से लिए गए थे। पुरानी तकनीक वाले इस सी किंग हेलीकॉप्टरों की जगह अब बेहद अत्याधुनिक तकनीक वाले एमएच-60 आर (MH-60R) हेलीकॉप्टर लेंगे। MH-60R युद्ध हेलीकॉप्टरों को हिन्द महासागर क्षेत्र में चीनी और पाकिस्तानी पनडुब्बियों और युद्धपोतों को ढूंढने और उन्हें उलझाने के लिए तैनात किया जाएगा।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन 24 MH-60R युद्धक हेलीकॉप्टरों के लिए भारत और अमेरिका के बीच समझौता हुआ है उसके मुताबिक अत्याधुनिक तकनीक से लैस इन युद्धक हेलीकॉप्टरों में सेंसर और कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ-साथ पोतों को निशाना बनाने में सक्षम हेलफायर मिसाइलों, एमके 54 टॉरपीडो तथा प्रिसिज़न स्ट्राइक रॉकेट सिस्टम सहित कई वेपन सिस्टम शामिल हैं।

खबर के मुताबिक, MH-60R हेलीकॉप्टरों के ज़रिये नॉर्वेजियन कंपनी कॉन्ग्सबर्ग डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई नेवल स्ट्राइक मिसाइल (NSM) को भी दागा जा सकता है। NSM किसी युद्धपोत को 185 किलोमीटर की रेंज से उलझा सकती हैं। भारत मूल पैकेज में NSM ट्रेनिंग मिसाइल की भी उम्मीद कर रहा था, ताकि मिसाइल सिस्टम का सौदा भी किया जा सके।