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1400KM साइकिल चला गिरफ्तारी देने पहुंचा मजदूर, पुलिस ने पहनाई माला, सेल्फी ली फिर ससम्मान जेल भेजा

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क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी आरोपी को पुलिस माला पहनाएं और उसके साथ सेल्फी भी खिंचवाएं। ऐसा किसी बाहुबली या गैंगस्टर के साथ होना संभव है लेकिन अगर यही वाकया किसी गरीब मजदूर के साथ हो तो। वाकया सुनने में जितना रोचक है उतना ही दिलचस्प भी। घटना कहीं और की नहीं बल्की मध्य प्रदेश के उज्जैन की है। जहां बिहार से 1400 किलोमीटर साइकिल चला उज्जैन पहुंच गिरफ्तारी देने पहुंचे एक मेहनतकश गरीब मजदूर का वाकया सुन पुलिस का दिल पसीज गया और आरोपी की इमानदारी से पुलिस का एक गौरवपूर्ण चेहरा नजर आया।

उस आरोपी गरीब मजदूर का पुलिस के प्रति इस भरोसे का पुलिस ने दिल से सम्मान किया और उसे फूलों की माला पहनाकर उसके साथ सेल्फी खिंचवाई और ससम्मान उसे कोर्ट में पेशकर वहां से जेल भेज दिया। है न ये दिलचस्प कहानी, आगे पढ़िये क्या है पूरा मामला…

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दरअसल उज्जैन के नागझिरी इलाके के रहने वाले रामचंद्र लोहार के बेटे मुकेश पर साल 2014 में अपने किसी रिश्तेदार के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर की थी। लेकिन उन दिनों मुकेश की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस बीच, मुकेश की बिहार के सीतामढ़ी जिले की एक युवती के साथ शादी हो जाती है और फिर वह सीतामढ़ी में ही बस जाता है। इधर, उज्जैन में दर्ज एफआईआर के मामले में कोर्ट से मुकेश के खिलाफ वारंट जारी होता है। उज्जैन पुलिस ने जब मुकेश को गिरफ्तार करने के लिए छानबीन की तो पता चला कि वह अब बिहार के सीतामढ़ी में रहने लगा है और उसकी शादी भी हो चुकी है।

पुलिस ने फोन पर दी वारंट की जानकारी
इसके बाद छानबीन के दौरान पुलिस के हाथ किसी तरह मुकेश का मोबाइल नंबर लगता है। पुलिस मुकेश को संपर्क करती है। पुलिस ने जब मुकेश को बताया कि कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है, तो पहले तो वह घबरा गया। लेकिन पुलिस ने उसे समझाया कि अगर वह यहां आकर खुद पेश हो जाएगा तो मामला जल्दी सुलझ जाएगा।

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1400 किलोमीटर साइकिल चलाकर गिरफ्तारी देने पहुंचा उज्जैन
इसके बाद पुलिस के समझाने पर उसने उज्जैन आकर समर्पण करने का फैसला किया। लेकिन मुकेश को सीतामढ़ी से उज्जैन आने के किए कोई सीधी ट्रेन या बस नहीं मिली। पैसों की तंगी भी थी। इन हालात में उसने साइकिल से ही उज्जैन आने का मन बनाया और निकल पड़ा। मुकेश को सीतामढ़ी से उज्जैन आने में कुल दो हफ्ते का समय लगा। इस दौरान उसने तकरीबन 1400 किलोमीटर का सफर तय किया।

पैसे खत्म होने के बाद तीन दिन की मजदूरी
साइकिल से उज्जैन आते वक्त मुकेश के पैसे भी खत्म हो गए। इसके बाद उसने कई दिनों तक रास्ते में रुककर मजदूरी की। जब कुछ रुपये जमा हो गए तो वह फिर से उज्जैन के लिए रवाना हुआ। आखिरकार गुरुवार को वह जब उज्जैन के नागझिरी थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मी उसे देखकर हैरान रह गए। उसकी पूरी आपबीती सुनने के बाद पुलिसकर्मी इतने प्रभावित हुए कि फूलों का हार पहनाकर उसका अभिनंदन किया और उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। फिलहाल उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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