Madhya Pradesh Ravangram ravanvillage Ravan Temple near bhopal vijayadashami Dussehra

मध्य प्रदेश का वो रावणग्राम जहां लोग रावण को मानते हैं भगवान, करते हैं पूजा-अर्चना

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मध्य प्रदेश रावणग्राम में रावण का मंदिर (Madhya Pradesh Ravangram Ravan Temple) || आज नवरात्री का नवां दिन है, कई लोग इसे नवमी भी कहते हैं। अक्सर देखा गया है कि नवमी के एक दिन बाद दशहरा मनाया जाता है, लेकिन कई मौकों पर संयोग ऐसा बना है कि नवमी के दिन ही दशहरा मनाया जाता है। देश के कई इलाके ऐसे हैं जहां आज नवमी के साथ-साथ दशहरा भी मनाया जा रहा है। दशहरे के दिन रावण दहन की रीत है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान राम ने आज ही के दिन रावण का वध किया था और असत्य पर सत्य की जीत हुई थी। इस दिन को हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व दिया गया है और देश भर में रावण दहन किया जाता है। लेकिन देश के कई इलाके ऐसे भी हैं जहां आज भी पूरे रीति रिवाजों के साथ रावण की पूजा की जाती है।

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ऐसा ही एक इलाका है मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 96 किलोमीटर दूर रावणग्राम। जहां रावण को भगवान का दर्जा दिया गया है। उनका मंदिर बनाया गया है। साथ ही साथ पूरे रीती रिवाजों के साथ रावण की पूजा भी की जाती है। रावण का ये मंदिर भोपाल से बीना के बीच जाते वक्त पढ़ने वाले विदिशा और गंजबासौदा की ओर पड़ता है। भोपाल से इसकी दूरी 96 किलोमीटर है। जबकि विदिशा रेलवे स्टेशन से इस मंदिर की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। वहीं विश्व प्रसिद्ध और वर्ल्ड हैरिटेज साँची स्तूप से इसकी दूरी करीब 55 किलोमीटर हैं। अगर आप साँची घूमने जा रहे हैं तो एक बार यहां भी जाया जा सकता है।

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बहरहाल, हम आपको मध्य प्रदेश के इस रावणग्राम के बारे में बता रहे हैं जो मध्य प्रदेश में स्थित है। आम दिनों में यहाँ रावण की पूरे रीति रिवाजों के साथ पूजा होती है लेकिन विजयादशमी के दिन यहाँ रावण खास तरह से पूजे जाते हैं। रावण ग्राम स्थित इस रावण मंदिर के पुजारी बताते हैं कि हम उन्हें रावण बाबा कहते हैं। रावण बाबा की प्रतिमा पुरातन काल से ही यहां पर है हम उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं। वे कहते हैं कि दशहरे के दिन रावण बाबा की प्रतिमा की नाभि में रुई में तेल लेकर लगाया जाता है। ऐसी मान्यता कि ऐसा करने से करने से उनकी नाभि में लगे तीर का दर्द कम होगा और गांव में खुशहाली आएगी।

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एक ओर जहां विजयादशमी पर देश भर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश की राजधानी से 96 किलोमीटर दूर रावण गांव में स्थित रावण मंदिर में गांव वाले रावण की पूजा-अर्चना कर उनसे गांव की खुशहाली की दुआ मांगते हैं। ये परंपरा दशकों से चली आ रही है। इस दिन इस नजारे को देखने को देखने दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। विजयादशमी के अलावा आम दिनों भी लोग इस रावण मंदिर को देखने आते हैं।

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