मंदसौर रेप केस ने थॉमसन रॉयटर्स की रिपोर्ट के दावे को किया पुख्ता, ‘महिलाओं के लिए भारत सबसे अनसेफ’

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रिपोर्ट- आयुष ओझा

मंदसौर, 2 जुलाई। एक ओर जहां मंदसौर रेप केस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्मा रही है। प्रशासन ने बीते दिन इस मामले की जांच के लिए विशेष तौर पर एसआईटी गठित कर दी है। मंदसौर में गैंगरेप जैसे कृत्य को ऐसे वक्त में अंजाम दिया गया जब महज दो दिन पहले ही थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन की रिपोर्ट में भारत को महिलाओं के लिए असुरक्षित देश बताया गया है। कई बुद्धिजीवी इस रिपोर्ट को झुठला रहे थे लेकिन मंदसौर की घटना इस रिपोर्ट का एक उदाहरण मात्र है।

इस रिपोर्ट के आने के मजह 2 दिन के अंदर ही मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक ऐसी घटना घटी जिसके अनुसार ये सर्वे न्यायसंगत ही प्रतीत होता है। बात बीते बुधवार की है जहां मंदसौर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच 8 वर्षीय मासूम गंभीर हालत में मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूल की छुट्टी के बाद ये बच्ची घर नहीं पहुंची थी।

अपने आपको मध्य प्रदेश का मामाजी बताने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यूं तो विकास की बड़ी-बड़ी बाते कर रहे हैं लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओ के खिलाफ हिंसा, अत्याचार और अपराधों के मामले में प्रदेश नंबर वन है। इस मामले में मंदसौर एसपी मनोज सिंह ने कहा कि, बच्ची के साथ बड़े ही अमानवीय ढंग से घटना को अंजाम दिया गया है, उसके शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे।

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उन्होंने बताया कि, शुरुआती इलाज के बाद बच्ची को इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफेर कर दिया गया था जहां उसका इलाज जारी है। बच्ची के साथ हुई हैवानियत के खिलाफ देश में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर लोग सड़कों पर लामबंद हैं। लोगों का गुस्सा फूटा तो पुलिस ने मुस्तेदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी इरफ़ान उर्फ़ भय्यू और उसके साथी आसिफ को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

वहीं खबर ये भी है कि, आरोपियों के मुस्लिम होने की वजह से मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में पीड़ित बच्ची के पिता ने कहा कि मुझे कोई मुआवजा नहीं चाहिए। मैं सिर्फ आरोपी को फांसी दिलवाना चाहता हूं। मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रेप पीड़िता के पिता को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि, उम्मीद है कि आरोपियों को पुलिस जल्द पकड़ लेगी ताकि उन्हें फांसी दी जा सके। बच्ची के स्वास्थ्य और शिक्षा का ख्याल राज्य सरकार रखेगी। वहीं दूसरी ओर आरोपी की मां का कहना है कि, मुझे भरोसा है कि मेरा बेटा निर्दोष है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच मांग की है। आरोपी की मां ने कहा कि, अगर मेरा बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे गंभीर रूप से दंडित किया जाना चाहिए।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए इसकी सुनवाई की बात कही थी। आरोपी के मानवाधिकार के मुद्दे पर उन्होंने कहा था कि मानवाधिकार मानवों के लिए होता है न कि शैतानों के लिए। इस मामले को लेकर आरोपियों के फांसी की मांग के लिए देश में जगह-जगज प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मामले की जांच के लिए 15 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पास्को एक्ट, गैंगरेप, अपरहण, हत्या का प्रयास सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

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