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महिला कलेक्टर ने पलटा शिवराज सरकार का फैसला, शराब की बिक्री पर 17 मई तक प्रतिबंध लगाया

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Ground Report News Desk | New Delhi

मध्य प्रदेश के खंडवा खंडवा जिले की कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल इन दिनों चर्चा में हैं। चर्चा भी इसलिए कि उन्होंने न सिर्फ शिवराज सरकार के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल ने शिवराज सरकार के आदेश को पलटते हुए जिले में 17 मई तक शराब की दुकानें नहीं खोले जाने का फैसाल लिया है।

कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल ने यह फैसला कोरोना महामारी से बचाव के लिए एहतियातन लिया है ताकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। केन्द्र सरकार ने देश को तीन अलग-अलग जोन में बांटा है। मध्य प्रदेश का खंडवा जिला कोरोना महामारी की वजह से रेड जोन में हैं। खंडवा की कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल ने शराब की बिक्री पर पूर्व की तरह रोक लगाते हुए फैसला लिया कि जिले में शराब की दुकानें 17 मई तक नहीं खोली जाएगी।

कलेक्टर सुन्द्रियाल ने अपनी ओर से जारी किए एक आदेश में कहा है कि खंडवा जिला रेड जोन में शामिल है। अगर खंडवा जिले को छोड़कर आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शराब की दुकानें खोली जाती हैं, तो खंडवा की जनता वहां पहुंचेगी, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ेगा और कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए खंडवा में शराब और भांग की दुकानें 17 मई तक नहीं खोलने के आदेश जारी किए गए हैं।

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अपने इस आदेश की प्रति कलेक्टर तन्वी ने वाणिज्यिक कर मंत्रालय, आबकारी आयुक्त और इंदौर आबकारी उपायुक्त सहित दस जिम्मेदार अधिकारियों और लाइसेंसियों को भेजी है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने 5 मई से राज्य में शराब और भांग के ठेके खोलने की इजाजत दी थी। हांलाकि रेड जोन वाले 9 जिलों में से भोपाल, इंदौर और उज्जैन में शराब और भांग के ठेके खोलने की अनुमति नहीं दी गई।

हालांकि अन्य 6 जिलों जबलपुर, ग्वालियर, खंडवा, धार, बड़वानी और देवास के शहरी क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध था, लेकिन इन जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने की छूट दी गई थी। इसके चलते महिला कलेक्टर ने शहरी और ग्रामिण क्षेत्रों में भी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध जारी रखा है।