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मध्यप्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण रोकने में असफल, सतना के जज हुए शिकार

सतना के जज की कोरोना से मौत
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Madhya Pradesh Corona: जिला न्यायालय के जज (अपर सत्र न्यायाधीश) की कोरोना से मौत ने सतना जिला अस्पताल को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके इलाज में हद दर्जे की लापरवाही की है। यही नहीं, जब उनकी कोरोना से मौत हो गई तो श्मशान घाट में नगर निगम ने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी तक देने से मना कर दिया।

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार ने होम आइसोलेशन(Home Isolation) किट की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के कुल एक्टिव कोरोना(Corona) केसों की संख्या के 40% के मान से तैयार की जाएगी। होम आइसोलेशन की अनुमति देते समय फीवर क्लीनिक के चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोविड पॉजिटिव व्यक्ति द्वारा स्वनिगरानी के लिए एक डिजिटल थर्मामीटर एवं एक पल्स ऑक्सीमीटर स्वयं क्रय करने का भी परामर्श दिया जाएगा।

अस्पतालों में नहीं है बेड

वहीं देखा जाएं तो एक तरफ अस्पतालों में एक भी बेड खाली नहीं है, वहीं जिला प्रशासन द्वारा हर दिन शाम को प्रेस नोट जारी कर बताया जाता है कि हमीदिया अस्पताल(Hamidia Hospital) में कितने बेड खाली हैं। बुधवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि हमीदिया में कुल 240 बिस्तर खाली है। इसे देख मरीजों ने अस्पताल में संपर्क करना शुरू कर दिया।

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सरकार छुपा रहीं है आंकड़े

दरअसल सरकारी आंकड़ों में बताया जाता है कि जो बेड खाली है वह बिना ऑक्सीजन वाले हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि बिना ऑक्सीजन वाले बिस्तर (Oxygen Bed) हमेशा खाली रहते हैं, क्योंकि उन पर कोई मरीज भर्ती नहीं होता।

सतना अस्पताल में हुई मौत

सतना जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सुनील कारखुर ने कहा कि जज पहले नार्मल थे। वह अपना काम भी करते थे। ऐसे में उन्हें होम क्वारैंटाइन किया गया था। जज की दोपहर 3 बजे अचानक से तबीयत खराब हुई थी। वे खून की उल्टियां करने लगे थे। जब अस्पताल में लाया गया था, तब उनकी मौत हो गई थी। इलाज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई देरी नहीं की गई।

विपक्ष ने बताया सरकार को असफल

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए सरकार से कहा कि मध्यप्रदेश में अस्पतालों में ना बेड , ना दवा , ना इंजेक्शन , ना ऑक्सिजन , मौतें जारी ? अराजकता की स्थिति , जनता में भय व दर का माहौल ? प्रदेश के सागर व खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौत की खबरें , एक तरफ़ जनता तड़प रही , दूसरी तरफ़ लूट- खसोट जारी ?

उन्होंने यह भी लिखा कि हमारे मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को बताये कि उनकी मिंटो हॉल की 24 घंटे की नौटंकी से प्रदेश का क्या भला हुआ , बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में क्या सुधार हुआ ? आज अवसर है आवश्यक निर्णय लेने का , लोगों की जान बचाने का , लोगों की परेशानी दूर करने का , बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का।

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उन्होंने बताया कि लेकिन हमेशा की तरह ही हमारे शिवराज जी अभी भी इस भीषण संकट काल में भी नौटंकी भरे आयोजन कर जनता को गुमराह करने में लगे हुए है ? शिवराज जी, ये प्रदेश आपके इस ग़ैर ज़िम्मेदाराना कृत्य पर आपको कभी माफ़ नहीं करेगा।

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