‘जो लोग हिन्दू को आतंकवादी सिद्ध करने में लगे थे आज वो खुद को हिन्दू बता रहे हैं’

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लेखक- अनूप शर्मा

चुनावी माहौल में ‘आस्था’ को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। मौजूदा विपक्ष इस मोर्चे पर हमेशा संवेदनहीन रहते हुए उहापोह की अस्पष्ट स्थिति पर केवल बयानबाजी करता रहा है। मध्यप्रदेश के लिए हर बार दिग्विजय सिंह भष्मासुर साबित होते हैं, वे संवेदनशील मुद्दों पर चुटकी लेकर कोरे और खोखले तर्कों से बखेड़ा खड़ा करते आए हैं। जहाँ इनकी बौद्धिक क्षमता की मिसालें दी जाती रही हैं वहीं इन्हीं की वजह से कांग्रेस इतने बड़े गड्ढे में चली गई।

सोशल मीडिया के फेमस व्यंगकार अमित चतुर्वेदी कहते हैं कि, सिर्फ़ पाँच-सात साल में राजनीति 180 डिग्री ऐंगल पर घूम चुकी है, जो लोग हिन्दू को आतंकवादी सिद्ध करने पर आमादा थे वो अब खुद को हिन्दू सिद्ध करने पर उतारू हैं।

दिग्विजय सिंह के राम पथ गमन पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया के लिए जब भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रभात झा से पूछा गया तो उन्होंने ने कहा, ‘क्‍या दिग्विजय सिंह राम मंदिर निर्माण के लिये संसद में पार्टी के समर्थन की घोषणा करेंगे?

पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर मध्य प्रदेश की सीमा तक राम पथ गमन का निर्माण कराया जाएगा।

इस संबंध में प्रभात झा ने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह खुद राज्यसभा के सदस्य हैं, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वह इधर-उधर की बात करने के बजाए राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर संसद में, अपनी पार्टी के समर्थन की घोषणा क्यों नहीं करते।’’ कांग्रेस के राम पथ गमन के निर्माण के वादे पर चुटकी लेते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यह चुनावी रामभक्ति है, असली रामभक्ति नहीं है। कोई भी नागरिक चुनावी भक्ति से प्रसन्न नहीं होता।’’

..यदि भुनाने पर आया जाए तो यह तर्क अकाट्य है और मेरी जिज्ञासा है कि कांग्रेसी मत क्या होगा ? फिलहाल विपक्ष निरुत्तर है!

इस लेख में व्यक्त विचार पूरी तरह से लेखक के निजी विचार हैं। हम अभिव्यक्ति की आज़ादी को सर्वोपरि मानते हैं