धीरे-धीरे टूट रहा कांग्रेस का कुनबा, मध्यप्रदेश में खिसक रही है कमलनाथ की ज़मीन

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मध्यप्रदेश कांग्रेस को इसी हफ्ते में फिरसे दूसरा झटका लगा है। बुरहानपुर जिले की नेपानगर सीट से विधायक ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। सुमित्रा देवी कासडेकर ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। वे आरक्षित सीट से विधायक थी। ऐसा मान सकते है कि राजस्थान में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच मध्यप्रदेश में कांग्रेस को झटके पर झटके लग रहे है।

निगम मंडल मिलने का कयास

सूत्रों के अनुसार सुमित्रा देवी को भी कांग्रेस छोड़ने का इनाम दिया जा सकता है। इससे पहले देखा गया था कि प्रद्युम्न सिंह लोधी के इस्तीफे के बाद कमलनाथ ने लोधी समाज से ही आने वाले दो कांग्रेस विधायक और उनके ही रिश्तेदार राहुल लोधी, तरवर लोधी से मुलाकात की थी। प्रद्युम्न सिंह लोधी के कांग्रेस छोड़ते ही शिवराज सरकार ने उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बना दिया। वहीं भाजपा को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को माइनिंग कार्पोरेशन का चेयरमैन बना दिया गया था।

मध्यप्रदेश में हुई 26 विधानसभा खाली

कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी। 2 विधानसभा सीटें पहले ही खाली हो चुकी थी। प्रद्युम्न सिंह लोधी और सुमित्रा देवी कासडेकर के इस्तीफे के बाद अब 26 सीटों पर उपचुनाव होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 2 से 3 विधायक अभी और कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम सकते है।

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