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‘कोरोना काल’ में मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज़, 24 सीटों पर होना है उपचुनाव

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Ground Report News Desk | Bhopal

एक ओर जहां देश कोरोना से जूझ रहा है वहीं इन दिनों मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। हो भी क्यों न कुल 24 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव जो होने हैं। दरअसल प्रदेश में 2 विधायकों के निधन और कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे से रिक्त विधानसभा की कुल 24 सीटों पर एक साथ चुनाव होने हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी साल जून के आखरी सप्ताह में चुनाव हो सकते हैं।

लेकिन कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन को देखते हुए ऐसी उम्मीद कम ही नजर आ रही है कि जून के अंतिम सप्ताह में ये चुनाव हों वहीं देखा जाए तो ये चुनाव अपने आप में ऐतिहासिक है। क्योंकि प्रदेश के किसी भी विधानसभा के कार्यकाल में इतनी बड़ी तादाद में उपचुनाव अब तक नहीं हुए हैं।

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वहीं बीते दिनों मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से कलेक्टरों को मतदाता सूची और मतदान केंद्रों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इन दिनों कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के साथ-साथ चुनावी गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की जौरा विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक बनवारीलाल शर्मा और आगर विधानसभा सीट बीजेपी विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन होने के चलते खाली है। वहीं बीते दिनों प्रदेश में हुए बड़े राजनीतिक फेरबदल के बाद दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 19 और तीन अन्य विधायकों समेत कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।

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अब इन सभी 24 सीटों पर जून में उपचुनाव कराए जा सकते हैं। कांग्रेस और बीजेपी जोर-शोर से चुनाव की तैयारी कर रही है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखकर कहना गलत नहीं होगा कि चुनाव की तारीख आगे बढ़ना लगभग तय है।

वहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय चुनाव के मद्देनजर अपनी कमर कस चुका है। प्रभारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरण कुमार तोमर के एक बयान के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टर) को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाता सूची और मतदान केंद्र का परीक्षण करा लें। यदि केंद्र बढ़ाए जाने या स्थान परिवर्तन की जरूरत है तो प्रस्ताव भेजें, ताकि चुनाव आयोग से अनुमति लेकर समयसीमा में कार्यवाही की जा सके।

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