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5 साल में 123% बढ़ी प्रभुराम चौधरी की संपत्ति, साँची सीट से बीजेपी प्रत्याशी के बारे में खास बातें

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मध्य प्रदेश उपचुनाव 2020 : डॉ. प्रभुराम चौधरी साँची विधानसभा सीट (Sanchi Legislative Assembly) से उपचुनाव (By Election) लड़ रहे हैं । प्रभुराम चौधरी उन 22 विधायकों में से एक हैं, जो मार्च में कांग्रेस (Congress) का दामन छोड़ ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के साथ बीजेपी में शामिल हो कर मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) का तख़्ता पलट कर दिए थे। 2018 में जहां प्रभुराम चौधरी कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे, तो वहीं इस बार वो बीजेपी की टिकट से साँची विधानसभा सीट की उम्मीदवारी कर रहे हैं।

डॉ. प्रभुराम चौधरी (Dr. Prabhuram Choudhary) 2018 में बीजेपी के उम्मीदवार मुदित शेजवार (Mudit Shejwar) के ख़िलाफ़ चुनाव लड़े और उनको 7% वोटो से हरा दिया। वहीं इस बार वो खुद ही बीजेपी की टिकट से कांग्रेस के मदनलाल चौधरी (Congress Madanlal Choudhary) के ख़िलाफ़ मैदान-ए-जंग में उतर रहे हैं और उनकी जीत और किस्मत का फ़ैसला साँची की जनता करेंगी। अब देखना दिलचस्प होगा की इतिहास रखने वाला साँची किसका इतिहास बनाता हैं और किसका भविष्य सुनहरा करेगा।

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शुरू से अब तक की कहानी

प्रभुराम चौधरी का जन्म 15 फ़रवरी, 1958 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हुआ था । उनकी शिक्षा भोपाल से हुई। उनका मुख्य व्यवसाय कृषि और व्यापार है। डॉ. चौधरी की खेलों में विशेष रुचि हैं। प्रभुराम दिसंबर, 2018 से मार्च, 2020 तक साँची से मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) के सदस्य थे। वे 21 मार्च, 2020 को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) में शामिल हो गए और शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के 2020 मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश के वर्तमान लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हैं (Public Health and Family Welfare Minister)। दिसंबर, 2018 में उन्हें मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा मंत्री के रूप में कमलनाथ (Kamalnath) के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। 2020 के मध्य प्रदेश के राजनीतिक संकट के दौरान उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थन किया। कांग्रेस की सरकार में प्रभुराम चौधरी ने मंत्री पद ठुकराकर कांग्रेस छोड़ी और भाजपा ज्वॉइन कर ली।

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शुरुआती दौर

डॉ. चौधरी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के खेल सचिव और वॉलीबॉल टीम के कप्तान रह चुके हैं। 1985 में पहली बार 8वीं विधानसभा के सदस्य चुने गए  और 1989 में संसदीय सचिव। 1991 में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यकारी निकाय (MP Congress Committee Executive Body) के सदस्य बने। 1996 में संयुक्त सचिव (Joint Secretary), 1998 महासचिव (General Secretary), 1994 में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MP Congress Committee) के अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) और अनुसूचित जनजाति प्रभाग (Scheduled Tribe Division) के संयोजक (Convener) और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (All India Congress Committee) के सदस्य भी थे। 2004 में वे केंद्रीय सहकारी समिति बैंक (Central Co-operative Bank) के सदस्य थे और जिला पंचायत रायसेन के सदस्य भी।

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राजनीतिक सफ़र

डॉ. चौधरी 2008 में दूसरी बार विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। वे 2008 में सांची विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए थे। इन्होने 25 दिसंबर, 2018 को मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) में मंत्री पद की शपथ ली। प्रभुराम चौधरी ने 2018 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट से लड़ते हुए भाजपा के मुदित शेजवार को 10,813 वोटों के अंतर से हराया था।

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123% बढ़ी संपत्ति, 08 करोड़ 80 लाख़ के हैं मालिक

साँची विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार प्रभुराम करोड़पति उम्मीदवारों में से एक हैं। 2013 में 3.93 करोड़ थी। 2018 में 8.79 करोड़, 05 साल में 123.77% संपत्ति बढ़ी, तो वहीं कांग्रेस के मदनलाल चौधरी  98 लाख के मालिक हैं। बैरसिया में उनका एक पेट्रोल पंप है। इसके अलावा बेगमगंज, बरखेड़ी, सुमेर, बसई  में कृषि भूमि है, 13,939 वर्गफीट का एक फार्म हाउस भी है। रायसेन के मुखर्जी नगर में एक आवासीय मकान है। उनकी पत्नी डॉ. नीरा चौधरी जेपी अस्पताल भोपाल में डॉक्टर हैं। स्वास्थ्य मंत्री और सांची विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के पास रिवाल्वर और एक बारह बोर बंदूक भी है।

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अब आगे क्या

03 नवम्बर को उपचुनाव होने हैं। 10 को परिणाम आ जायेगा। जहा डॉ. प्रभुराम चौधरी एक बार फिर से अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतर गए हैं और भाजपा की टिकट पाकर मंत्रिमंडल में शामिल होने की कोशिश करेंगे। मैदान में सामने होंगे कांग्रेस के मदनलाल चौधरी और साँची में चौधरी बनाम चौधरी की जंग दिखती नज़र आ रही है।

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