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मध्य प्रदेश उपचुनाव : कमलनाथ को भारी पड़ सकता है सिंधिया पर हमलावर होना

मध्य प्रदेश उपचुनाव : मुश्किल में कमलनाथ, स्टार प्रचारक का छिना दर्जा
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कहने को तो ये चुनाव भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच होगा, लेकिन केन्द्र में अगर कोई होगा तो वे होंगे ज्यातिरादित्य सिंधिया, न कि मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और न ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ। ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा के 2018 के चुनाव का चर्चित नारा ‘माफ करो महाराज, एक बार फिर शिवराज’ को लोग भूले नहीं हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया का फैक्टर उपचुनाव में कितना असर डालेगा, यह इस मामले का सबसे बड़ा पेंच है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि सिंधिया उपचुनाव में भाजपा को बड़ा फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एक जबरदस्त लहर थी, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला था।

सिंधिया ने बीजेपी ज्वाइन करने के बाद हाल ही में ग्वालियर-चंबल संभाग में मेगा शो करके अपनी ताकत का मुजाहिरा किया है। सिंधिया और उनके समर्थकों का दावा रहा है कि इस शो के दरमियान 70 हजार से ज्यादा कांग्रेसियों को बीजेपी में शामिल कराया गया है।

सिंधिया के ख़िलाफ़ खेला गया कार्ड पड़ गया था उलटा

बीजेपी पिछले दो महीने से उपचुनाव की तैयारियों में जोर-शोर से जुटी हुई है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी चैन से नहीं बैठे हैं। उपचुनाव में यदि सबसे ज्यादा किसी की साख दांव पर है तो वो पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। बीजेपी ज्वाइन करने के बाद से ही वे अपने ‘कार्डस’ पूरी शिद्दत से खेल रहे हैं और बीजेपी उनकी पूरी मदद भी कर रही है।

उपचुनाव से जुड़ा कांग्रेस का कैम्पेन सिंधिया के आसपास ही सिमटा हुआ है। कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए ग्वालियर में अपना कैम्प कार्यालय आरंभ किया तो आगाज महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर जाने से हुआ। सिंधिया राजघराने द्वारा वीरांगना के साथ की गई कथित गद्दारी से जुड़े वृतांत याद किये और कराये गये।

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वहीं सिंधिया भी कमलनाथ पर लगातार हमलावर हैं। ग्वालियर के दो दिवसीय दौरे पर गए पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के संभावित दौरे को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की जनता कमलनाथ का पंद्रह माह का शो देख चुकी है पता नहीं अब कौन सा शो करने वाले हैं।

कांग्रेस वही गलती करती नजर आ रही हैं जो कि साल 2018 के चुनाव में शिवराज एवं बीजेपी ने की थी।  बीजेपी और शिवराज को सिंधिया के ख़िलाफ़ खेला गया कार्ड उलटा पड़ा था और आने वाले वक्त में वैसी ही मुश्किलों का सामना कांग्रेस खेमे को होने की संभावनाएं बन रही हैं।

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