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मध्य प्रदेश उपचुनाव: सिंधिया के गढ़ में उतरी कमलनाथ की ‘प्लेइंग इलेवन टीम’, शिवराज को ‘घेरने’ की तैयारी!

Madhya Pradesh by-elections 2020, Big scam exposed in BJP Shivraj government under questions congress kamalnath Madhya Pradesh By Elections 2020: BSP Leaders joins congress kamalnath BJP Shivraj Singh Chouhan
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Rohit Shivhare | Bhopal

मध्यप्रदेश उप चुनावों को लेकर प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस राजनीतिक तैयारियों में जुट गई हैं। नए राजनीतिक समीकरण बनने के बाद से ही पार्टी विरोधी गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है। उधर कमलनाथ और कांग्रेस लगातार बीजेपी के पुराने बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं दूसरी ओर उपचुनाव को देखते हुए चुनावी क्षेत्र में कमलनाथ बड़ा राजनीतिक फेरबदल किया है।

उपचुनाव में जिन 24 सीटों पर चुनाव होना हैं उनमे से सबसे ज्यादा 16 सीटें ग्वालियर चंबल क्षेत्र की हैं। कांग्रेस ने इन उपचुनावों वाले इलाकों में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश तेज कर दी है। जिसके मद्देनजर कांग्रेस ने 11 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें से ज्यादातर जिले कांग्रेस के बगावत कर बीजेपी का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के सियासी प्रभावित क्षेत्र वाले हैं। आगामी उपचुनाव में कांग्रेस अपने इसी रणनीति टीम 11 के जरिए चंबल ग्वालियर संभाग की विधानसभा सीटों में जीत दर्ज करने की संभावना तलाश रही है।

कांग्रेस बीजेपी के नेताओं को अपने पाले में लाने की जुगत में लगी हुई
मध्य प्रदेश उपचुनाव के जरिए कांग्रेस जहां राजनीतिक सत्ता में दोबारा लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं वहीं कमलनाथ उन भाजपा नेताओं पर भी दाव लगाना चाहते हैं जो 2018 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर तब के सिंधिया समर्थक नेताओं से विधानसभा चुनाव हारे थे। इस रणनीति के तहत कांग्रेस की नजर बीजेपी के जयभान सिंह पवैया जो कि 2018 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रद्युमन सिंह तोमर से हार गए थे।

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अब भाजपा की ओर से सिंधिया समर्थक प्रद्युमन सिंह तोमर को टिकट मिलना तय माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस जयभान सिंह पवैया को साथ मिलाने की जुगत में है। ऐसी ही गुना जिले की बमोरी सीट हैं। इसी सीट से विधायक रहे महेंद्र सिंह सिसोदिया बीजेपी का दामन थाम चुके हैं और इस सीट से बीजेपी की तरफ से उनका चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है ऐसे में पिछली बार तुम से हारे बृज मोहन सिंह किरार कशमकश में है।

इसके साथ ही विंध्य प्रदेश के एक नेता तो पिछले दिनों कमलनाथ से मिलकर आ चुके हैं। और टिकट ना मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवारी बात कर चुके हैं। ऐसे में उनके भी कांग्रेस में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं।

बसपा के दो दर्जन से ज्यादा नेता कांग्रेस में शामिल
बसपा नेता प्रागी लाल जाटव सहित दो दर्जन से अधिक नेताओं ने मायावती का साथ छोड़कर रविवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जाटव पहले शिवपुरी के करेरा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़े थे और तीसरे नंबर पर रहे थे। इसके अलावा डबरा नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष सत्य प्रकाशी बीएसपी कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में शामिल हो गईं। ये दोनों नेता ग्वालियर-चंबल इलाके में बसपा का बड़ा चेहरा माने जाते थे। इससे पहले बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, पूर्व विधायक सत्यप्रकाश और पूर्व सांसद देवराज सिंह पटेल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।

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दलित वोट बैंक अपने पक्ष में करने की तैयारी में कांग्रेस
ग्वालियर चंबल संभाग कुल वोटर का 20 फ़ीसदी दलित वोट है इसी 20 फ़ीसदी वोट को कांग्रेस अपने पक्ष में करने की कोशिश में है। इन क्षेत्रों में बीएसपी का भी बड़ा वोट बैंक है बीएसपी के इसी वोट बैंक को कांग्रेस अपने पाले में लाने की कोशिश में लगी हुई है।

किन-किन सीटों पर होना है उपचुनाव
मध्य प्रदेश की जिन सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें जौरा, आगर (एससी), ग्वालियर, डबरा (एससी), बमोरी, सुरखी, सांची (एससी), सांवेर (एससी), सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह (एससी), मेहगांव, गोहद (एसी), ग्वालियर (पूर्व), भांडेर (एसी), करैरा (एसी), पोहरी, अशोक नगर (एसी), मुंगावली, अनूपपुर (एसटी), हाटपिपल्या, बदनावर, सुवासरा शामिल हैं।