हाई कोर्ट का ये आदेश, कमलनाथ-शिवराज-सिंधिया के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं

Madhya Pradesh By Elections 2020: High Court order is big shock for Kamal Nath-Shivraj singh chouhan-jyotiraditya Scindia
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मध्य प्रदेश उपचुनाव (Madhya Pradesh By ELections 2020) के दौरान रैली और जनसभा करने वाली राजनीतिक पार्टियों को हाई कोर्ट (High Court) से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट की ग्वालियर बैंच (High Court Gwalior Banch) ने एक मामले की सुनवाई के बाद आदेश देते हुए कहा है कि, प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच इस तरह से राजनीतिक जनसभाएं और रैलियां पूर्णत: प्रतिबंधित हैं। उच्च न्यायालय ने कोविड-19 (Covid19) के चलते राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है।

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इतना ही नहीं हाई कोर्ट ने राजनीतिक कार्यक्रम की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है। इस कमेटी में एडवोकेट संजय द्विवेदी, एडवोकेट राजू शर्मा और एडवोकेट वीडी शर्मा को नियुक्त कर सदस्य बनाया गया है। ये सभी एडवोकेट हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। वहीं बीते दिनों हुए राजनीतिक कार्यक्रमों की रिपोर्ट और लेखा जोखा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

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अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में कोरोना काल में राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान उमड़ती भीड़ के चलते कोरोना के मामले बढ़ने का आशंका जाहिर की गई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है।

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हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद न सिर्फ राजनीतिक पार्टियों बल्की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। क्योंकि चुनाव से पहले ये तीनों ही दिग्गज उपचुनाव से पहले रैलिया और जनसभाएं कर वोटों को साधने में लगे हैं। ऐसे में हाई कोर्ट का ये आदेश इनके लिए एक बड़ा झटका है।

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बहरहाल, देखना होगा कि इस उपचुनाव में शिवराज-सिंधिया फैक्टर कितना सार्थक साबित होता है और कमलनाथ की रणनीति क्या रंग लाती है। चुनाव आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि मध्य प्रदेश में उपचुनाव बिहार चुनाव के साथ ही होंगे। चुनाव आयोग ने कहा है कि नवंबर से पहले-पहले चुनाव होंगे हांलाकि तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश में 15 नवंबर तक उपचुनाव हो सकते हैं।

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