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मध्य प्रदेश उपचुनाव 2020: 24 सीटों के लिए कांग्रेस की प्लानिंग, कमलनाथ को मिली ये दो अहम जिम्मेदारी

दिग्विजय बोले- बीजेपी चुनाव अधिकारियों के दम पर जीतना चाहती है उपचुनाव
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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 24 विधानसभा (Assembly) सीट पर होने वाले उपचुनाव (By-Election) से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए भले ही मंत्रिमंडल विस्तार करना चुनौती बना हुआ हो, लेकिन कांग्रेस (Congress) पार्टी ने अंदरूनी असंतोष को थामने के लिए कमलनाथ (Kamal Nath) के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने का प्लान तैयार किया है।

Suyash Bhatt | Bhopal

इसके तहत कांग्रेस पार्टी में कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका भी निभाएंगे। उपचुनाव के नतीजों तक पार्टी सदन में किसी को नेता प्रतिपक्ष घोषित नहीं करेगी। दरअसल पार्टी नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान कर पार्टी में असंतोष उभरने से रोकने की कवायद में जुटी है और पार्टी हाईकमान से मशवरा के बाद यह तय हुआ है कि प्रदेश में कांग्रेस की कमान पूरी तरीके से कमलनाथ के हाथों में ही रहेगी।

पूर्व सीएम कमलनाथ पीसीसी चीफ के साथ ही अब विधायक दल के नेता के तौर पर भी काम करेंगे। विधानसभा में भी कमलनाथ ही विपक्ष के नेता होंगे। बताया जा रहा है कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर पार्टी के कई बड़े नेताओं की दावेदारी सामने आई थी। यह तय माना जा रहा था कि ग्वालियर चंबल इलाके की 16 विधानसभा सीटों को साधने के लिए पार्टी ग्वालियर चंबल के कद्दावर नेता गोविन्द सिंह को विपक्ष का नेता घोषित कर सकती है।

विरोध के बाद निर्णय
बताया जा रहा है कि गोविंद सिंह के नाम आने पर पार्टी के अंदर ही विरोध के सुर मुखर हो गए और उसके बाद यह तय हुआ उपचुनाव तक पीसीसी चीफ कमलनाथ के नेतृत्व और रणनीति के तहत काम किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी में नेता प्रतिपक्ष के लिए गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, सज्जन सिंह वर्मा बाला, बच्चन का नाम शामिल था। दावेदारों में असंतोष को थामने के लिए पार्टी ने तय किया है।

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फिलहाल दो बड़े पद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के तौर पर कमलनाथ की पार्टी का चेहरा होंगे। कांग्रेस पार्टी फिलहाल विपक्ष के नेता का नाम घोषित करने से इसलिए भी बच रही है क्योंकि बीजेपी के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंदर ही अंदर असंतोष पनप रहा है। और कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि वह कोई ऐसा कदम उठाए जिससे पार्टी के अंदर गुटबाजी हावी हो जाए।

20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
20 जुलाई से शुरू होना है विधानसभा का मानसून सत्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होना है। इस सत्र में विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के लिए चुनाव हो सकता है और यह माना जा रहा था कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी विपक्ष के नेता का चयन कर लेगी, लेकिन अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि उपचुनाव तक कांग्रेस पार्टी में वन मैन शो कमलनाथ का ही रहेगा।

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मिला दिग्विजय का साथ
कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि ‘कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष और विपक्ष के नेता कमलनाथ ही होंगे। विधानसभा का मानसून सत्र 5 दिन का है ऐसे में पार्टी हाई कमान ने सदन में भी विपक्ष के नेता के तौर पर कमलनाथ के चेहरे को आगे रखने का फैसला किया है’। बता दें कि दरअसल इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जी साफ कर चुके हैं कि आगामी उपचुनाव में पार्टी कमलनाथ के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने का काम करेगी और जो रणनीति कमलनाथ तय करेंगे उस पर अमल किया जाएगा।