मध्यप्रदेश में सियासी घमासान, वायरल ऑडियो में कमलनाथ की सरकार गिराने का ‘सच’ बोल रहे शिवराज!

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक कथित ऑडियो तेजी से वायरल हो हो रहा है। इस ऑडियो क्लिप में उन्होंने कहा है कि, सरकार गिराने का फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया। उसके तुरंत बाद कमलनाथ ने एक के बाद एक के बाद ट्वीट कर शिवराज सरकार पर निशाना साधा और कहा कि, भाजपा ने जानबूझकर साजिश और प्रलोभन का जाल रचकर मेरी सरकार को गिराया। मेरी सरकार किसानों का कर्ज माफ कर रही थी, महिला सुरक्षा और युवाओं को रोजगार दे रही थी।

Shubham Eknath Satpaise | Bhopal

ऑडियो में क्या
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो क्लिप में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कह रहे हैं कि, “केन्द्र सरकार नेतृत्व ने तय किया है कि जल्दी सरकार गिरानी होगी, नहीं ये सब बरबाद कर देगी, तबाह कर देगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी भाई के बिना सरकार गिर सकती थी? कोई तरीका नहीं था। यह तो मंत्री थे। गड़बड़ कर रही धोख़ा कर रही है। धोख़ा कांग्रेस ने दिया है तुलसी और ज्योतिरादित्य सिंधिया सिलावट ने नहीं।” दावा किया जा रहा है यह ऑडियो इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के संबोधन का है।

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कमलनाथ ने साधा निशाना
भाजपा ने जानबूझकर साजिश और प्रलोभन का जाल रचकर मेरी सरकार को गिराया। मेरी सरकार किसानों का कर्ज माफ कर रही थी, महिला सुरक्षा और युवाओं को रोजगार दे रही थी। उनके झूठ की पोल भी सामने आ चुकी है। शिरावज ने 15 वर्ष झूठ बोल कर सरकार चलाई थी। जनता के सबक सिखाने के बाद भी निरंतर झूठ बोल रही है। दुसरी तरफ भाजपा वर्चुअल रैली कर लाखों-करोड़ो रुपये खर्च कर रही है। कांग्रेस सरकार जब प्रदेश में आई थी, तब प्रदेश का किसान भी खुश था।

क्या है मामला
कांग्रेस ने निशाना साधा है कि केन्द्र सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराई गई। इस बात का खुलासा खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है जिसका ऑडियो वायरल हो रहा है। अब अगले तीन महीनों में मध्य प्रदेश में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां चुनाव प्रचार युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है। बता दें कि सिंधिया खेमे के 22 विधायक कांग्रेस छोड़ बीजेपी में चले गए थे जिसके बाद पार्टी ने उनकी सदस्यता निरस्त कर दी। अन्य दों सीटों के विधायकों का निधन होने से खाली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सितंबर अंत तक इन सीटों पर चुनाव हो सकते हैं। इनमें से अधिकतर सीटें चंबल क्षेत्र की है।