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शिवराज सरकार के कार्यकाल में हुए 3 बड़े घोटाले, मुख्यमंत्री पर भी लगे थे गंभीर आरोप

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घोटाले और राजनीति इन दोनों का पुराना रिश्ता रहा है, चाहे फिर बात बिहार, यूपी, या मध्य प्रदेश के घोटाले की कहानी की ही क्यों ना हो। घोटाला व भ्रष्टाचार जैसे हर मुख्यमंत्री और राजनेता का पेशा बन चुका है। अगर मध्य प्रदेश की ही बात करें, तो ऐसे कई घोटाले है जो की बड़ी बड़ी राजनैतिक हस्तियों के नाम पे दर्ज है  । उनमें से कई घोटालों में कथित तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और साथ ही में उनकी पत्नी साधना सिंह का नाम भी सामने आ चुका  है। जैसे कि व्यापम घोटाला, डंपर घोटाला, जल संकट काल और इत्यादि। वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 साल से भी ज्यादा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

व्यापम(व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला

प्रदेश ही नहीं, बल्कि इस दागदार घोटाले से देश की सियासत में भी उबाल आता रहा है। इस घोटाले की गूँज जहां मुख्यमंत्री निवास से राजभवन तक रही, वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई मंत्री और कई बड़े अफसरों पर भी कथित तौर पर उंगलियां उठती रही। कांग्रेस ने इस मामले पर सीबीआई से प्रकरण की जांच की मांग की थी। जसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज पर इस मामले में कार्रवाई हुई। शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वीकार किया था कि 1000 भर्ती अवैध रूप से हुई थी। वहीं उनकी बहन बेटी का भी 2012 में एडमिशन होने का आरोप लगाया गया।

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दरअसल मध्यप्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल में परीक्षाओं और फर्जी भर्तियां का नाम ही व्यापम घोटाला है। व्यापम मेडिकल, इंजीनियरिंग, पुलिस, नापतौल इंस्पेक्टर, शिक्षक, आरक्षक आदि की परीक्षाएं करवाता है। वही 2013 में डॉक्टर जगदीश सगर के पकड़े जाने के बाद इस घोटाले का खुलासा हुआ। इस घोटाले में  कुल 55 प्रवरण दर्ज हुए हैं, 2530 आरोपी बताए गए थे और 1980 शख्स इसके अधीन गिरफ्तार हुए थे।

डंपर घोटाला

दरअसल जानकारी के अनुसार उन पर आरोप लगाए गए थे की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह द्वारा दो करोड़ रुपए के चार डंपर खरीदे  थे। जिसके बाद उन्होंने रीवा में स्थित जेपी कंपनी में डंपर को पट्टे पर चढ़ा दिया था। इसके अलावा  पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2006 विधानसभा चुनाव के लिए जो हंल़फनामा प्रस्तुत किया था जिसमें 2.07 लाख की राशि उनके बैंक खाते में दिखाई थी पर उस में कहीं भी डंपर(ट्रक्स) की उल्लेख नहीं किया गया था। जिसके बाद विशेष न्यायाधीश आर.के भावे द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और उनकी बीवी साधना सिंह पर प्रकरण दर्ज करने का लोकयुक्ता को निर्देश दिया गया था। हालांकि 2006 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चार डंपर की मालिक बन गई। वहीं 2010 में लोकयुक्ता द्वारा उन दोनों को क्लीन चिट दे दी गई।

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बुंदेलखंड में जल संकटकाल

बुंदेलखंड कुल मिलाकर 6 जिलों का मध्यप्रदेश में और 7 जिलों का उत्तर प्रदेश में आवरण करता है। वही टीकमगढ़ जो कि मध्य प्रदेश में स्थित है वहां के स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज करवायी थी की ज्यादातर हैंडपंप या तो काम नहीं करते या कहीं-कहीं पे सिर्फ एक हैंडपंप है 300 और 400 स्थानीय लोगों के लिए। हालांकि जानकारी के अनुसार  पूंजी आवंटित कर दी गई थी पर उसका सही रूप से इस्तेमाल नहीं किया गया। जिसका सीधा आरोप पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर गया। 2018 में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाने कई लोग भोपाल तक आए थे, पर इस मामले को शिवराज की सरकार ने नजर अंदाज कर दिया था।

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