Madhya Pradesh By Elctions 2020 : बसपा भी बना रही है मध्यप्रदेश में उपचुनाव का मास्टर प्लान

Madhya Pradesh By Elections 2020 : बसपा भी बना रही है मध्यप्रदेश में उपचुनाव का मास्टर प्लान

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राजस्थान , पंजाब और उत्तर प्रदेश में हार  रही बसपा के लिए मध्य प्रदेश अब उम्मीद की किरण जागी है। जिन 27 सीटों पर उपचुनाव (Madhya Pradesh By Elctions) होने जा रहे हैं, उनमें से 16 पर बसपा का दबदबा रहा है। 10 पर वह कभी न कभी जीत भी हासिल कर चुकी है। ऐसे में बसपा उपचुनाव से दूरी नही रखना चाहती और लड़ने की पूरी तैयारी कर रही है।

बसपा अपना जनाधार वापस पाने की तैयारी में है। ऐसी उम्मीद है जो झटका उसे  2018 में लगा था उससे उबरकर वह  2008 की स्थिति में दुबारा जा सकती है। बसपा की संभावनाएं इन 16 सीटों के वर्ष 2003 से 2018 तक के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों से भी स्पष्ट होती है।  इन सीटों में से कई पर मुख्य मुकाबले में रही है और वोट शेयर भी खासा रहा है।

20 प्रतिशत तक रहा है वोट शेयर

2003 में बसपा ने करैरा सीट जीती वही मुरैना, अंबाह में 20 से 28 प्रतिशत तक वोट मिले थे, जबकि सात सीटों पर 10 से 20 प्रतिशत तक वोट शेयर था। 2007 से 2012 तक बसपा प्रमुख मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं, जिसका प्रभाव सीमावर्ती विधानसभा सीटों पर रहा। 2008 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 228 सीटों पर चुनाव लड़कर सात पर सफलता हासिल की।

उस समय वोट शेयर बढ़कर नौ प्रतिशत हो गया। मुरैना, जौरा सहित चार सीटों पर 30 और 6 सीटों पर 20 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले थे। 2013 से गिर रहा ग्राफ 2013 में बसपा 227 सीटों पर लड़कर चार ही जीत सकी और वोट शेयर 6.4 प्रतिशत रह गया। इन 16 में से तीन पर 36 से 44 प्रतिशत तक वोट मिले, जबकि नौ सीटों पर आंकड़ा 20 प्रतिशत से कम था।

कुल 16 सीटों से है उम्मीद

2018 के विधानसभा चुनाव मे पार्टी को बड़ा झटका लगा था, जब मुरैना, अंबाह और दिमनी में वोट शेयर 20 प्रतिशत से नीचे चला गया। पोहरी, करैरा और जौरा में  बसपा 23 से 32 प्रतिशत तक पहुंच सकी। सात सीटों पर तो वोट शेयर इकाई में ही रहा। पार्टी का यह मानना है कि  यह गिरावट उन मतदाताओं के मुंह मोड़ने से आई, जिन्हें कांग्रेस ने भरोसा दिया था कि सरकार बनने पर वह एट्रोसिटी एक्ट के भारत बंद के दौरान उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेगी। कमल नाथ सरकार इसे निभा नहीं सकी और 15 महीनों में ही अपनी सत्ता खो बैठी।

Madhya Pradesh By Elections – मुरैना, अंबाह, मेहगांव, सुमावली, ग्वालियर शहर, ग्वालियर पूर्व, गोहद, दिमनी, जौरा, डबरा, भांडेर, करेरा, पोहरी, बामोरी, अशोकनगर और मुंगावली। इन 10 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। 1993- मेहगांव, डबरा, 1998- अशोकनगर, भांडेर, सुमावली, 2003- करैरा, 2008- जौरा, मुरैना, 2013- दिमनी, अंबाह

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