CM शिवराज के गढ़ सीहोर में बढ़ी बीजेपी की मुश्किलें, उर्मिला मरेठा आष्टा से लड़ेंगी निर्दलयी चुनाव

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कोमल बड़ोदेकर | भोपाल, 5 नवंबर

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 मेंएक ओर जहां बीजेपी में टिकट को लेकर उम्मीदवारों के बीच ठनी हुई है वहीं टिकट कटने से नाराज पार्टी को सींचने वाले कार्यकर्ताओं ने बागी तेवर दिखाना शुरू कर दिया हैं। कुछ इसी कड़ी में अपना टिकट कटने से नाराज बीजेपी नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला मरेठा ने सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।

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ग्राउंड रिपोर्ट से बातचीत में उर्मिला मरेठा ने बताया कि, मैं साल 2000 हजार से बीजेपी से जुड़ी हुईं हूं। इसके बाद युवा वाहिनी में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि, आप क्षेत्र में ठीक से सर्वे करवाइये आपको खुद पता चल जाएगा कि यहां पहले नंबर पर किसका नाम है।

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उर्मिला मरेठा ने कहा कि, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ माने जाने वाले सीहोर जिले की चार (सीहोर शहरी, आष्टा, इछावर, बुधनी) विधानसभा सीटों में से किसी एक पर भी महिला उम्मीदवार नहीं है यह कैसे हो सकता है कि प्रदेश के मुखिया अपने ही जिले में महिलाओं की अनदेखी करें।

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बता दें कि सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से सीएम शिवराज सिंह चुनाव लड़ते हैं। इस बार बीजेपी ने आष्टा विधानसभा सीट से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले रघुनाथ मालवीय पर अपना भरोसा जताया है। जबकी वर्तमान में बीजेपी नेता रंजीत सिंह गुणवान यहां से विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के टिकट से इंजीनयर गोपाल सिंह दावेदारी कर रहे हैं। अगर उर्मिला मरेठा निर्दलीय चुनाव लड़ती हैं तो बीजेपी का जनसमर्थन सीधे तौर पर उससे छिंटक जाएगा।

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देखें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गढ़ से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट-

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