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साँची से कांग्रेस प्रत्याशी मदनलाल चौधरी की हुंकार, बीजेपी के प्रभुराम को सीधी टक्कर

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Sanchi Assembly Madanlal Choudhary Congress Candidate मध्य प्रदेश उपचुनाव 2020 : 44 वर्ष के मदनलाल चौधरी साँची विधानसभा सीट से उपचुनाव में उतर कर कांग्रेस की टिकट से विधायक बनने की किस्मत आज़मा रहे हैं। साँची विधानसभा सीट रायसेन जिले में आती है और विदिशा लोकसभा में लगती है। 2018 के चुनाव में इसी सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीतने वाले डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया का साथ देते हुए मध्य प्रदेश में तख़्ता पलट कर दिया और सिंधिया के 22 समर्थक विधायकों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बनी हुई सरकार गिरा दी और भाजपा में शामिल हो गए।

अब उपचुनाव हैं। 03 नवंबर को मतदान होंगे। ऐसे में प्रभुराम चौधरी (BJP) को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने मदनलाल चौधरी को मैदान-ए-जंग में उतरे हैं और इस सीट पर चौधरी बनाम चौधरी की जंग दिख रही है। साँची विधानसभा सीट अनुसूचित जाती (SC) उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। ऐसे में जातीय समीकरण में कांग्रेस कहीं पीछे न रह जाए शायद इसी डर से उसने चौधरी के खिलाफ़ चौधरी को उपचुनाव में उतारा है और सरकार बनाने के लिए अपनी पूरी ताक़त इस उपचुनाव में लगा दे रही है।

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चौधरी बनाम चौधरी में कौन ज्यादा आगे ?

कांग्रेस के मदनलाल चौधरी पैसे, शिक्षा और चुनावी अनुभव तीनों ही मामले में भाजपा के डॉ. प्रभुराम चौधरी से कम है। जहां प्रभुराम चौधरी के पास 08 करोड़ 79 लाख़ की संपत्ति है तो वही मदनलाल चौधरी के पास 98 लाख़ की जायदाद है। सीधे शब्दों में कहे तो भाजपा उम्मीदवार करोड़पति आदमी हैं और कांग्रेस के मदनलाल चौधरी लख़पति। शिक्षा में मामले में भी मदनलाल काफ़ी पीछे हैं। जहां प्रभुराम चौधरी के पास Doctorate Degree है तो वहीं मदनलाल केवल 12वीं पास हैं।

चुनावी अनुभव के लिहाज़ से देखा जाए तो प्रभुराम चौधरी के पास लम्बा राजनीतिक अनुभव है। प्रभुराम काफ़ी समय से राजनीती करते हुए आ रहे है और कई बार प्रदेश में विधायक और मंत्री भी बन चुके हैं। दूसरी तरफ मदनलाल चौधरी पहले एक भी बार विधायकी की चुनाव नहीं लड़े हैं, पहली बार उन्हें कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ने का मौका मिल रहा है, अगर इनके राजनीतिक सफ़र की बात की जाए तो 2005 में ये सरपंच रहे, 2015 में जिला पंचायत सदस्य बने, मदनलाल चौधरी किसानी के साथ-साथ ठेकेदारी का काम भी देखते हैं।

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साँची वार्ड नंबर 04 से जिला पंचायत सदस्य मदनलाल चौधरी को कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। 12वीं तक शिक्षित हरदौट निवासी मदनलाल चौधरी 02 दशक से सार्वजनिक क्षेत्र और राजनीति में सक्रिय हैं। 04 भाइयों में सबसे छोटे हैं मदनलाल। वे कांग्रेस पार्टी में काफ़ी समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे क्षेत्र के नीलकंठेश्वर धाम समिति से भी जुड़े हुए हैं और समाज सेवा में भी उनकी रुचि है।

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चौधरी का अब तक का सफ़र

मदनलाल चौधरी वैसे तो पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन इस से पहले वो छोटे स्तर पर राजनीती कर चुके हैं। 2000 से 2005 तक वो कृषि उपज मंडी सदस्य रहे। 2005 से 2010 तक हरदौट पंचायत के सरपंच रहे। 2015 से अभी तक जिला पंचायत सदस्य (वार्ड नंबर 04) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मदनलाल की पत्नी रामवती चौधरी 2010 से 2015 तक जिला पंचायत सदस्य रह चुकीं हैं।

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किसको मिलेगा फ़ायदा

भाजपा के प्रभुराम चौधरी के पास तो वैसे लम्बा राजनीतिक अनुभव रहा है लेकिन उनका कांग्रेस छोड़ ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ BJP में जाना स्थानीय लोगो को पसंद नहीं आया इसलिए शायद उन्हें उपचुनाव में झटका खाने को मिल सकता है। कई बार विधायकी का चुनाव लड़ चुके प्रभुराम चौधरी इस बार अपनी किस्मत आजमाने के लिए भाजपा की टिकट से उपचुनाव में मदनलाल चौधरी के खिलाफ़ चुनाव में लड़ रहे हैं, वहीं लगातार 20 साल में मंडी सरपंच। एक बार पत्नी व 01 बार स्वयं जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत चुके मदनलाल को स्थानीय उम्मीदवार होने का लाभ मिल सकता है, लेकिन वो कई लिहाज़ से प्रभुराम चौधरी से पीछे हैं।

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वक़्त की नज़ाकत

एक दौर था जब मदनलाल और प्रभुराम दोनों ही कांग्रेस हुआ करते थे, पिछले चुनावों (2018, 2013, 2008) में मदनलाल ने प्रभुराम चौधरी के लिए घर घर जाकर वोट भी मांगे थे, लेकिन सब समय का खेल है, अब दोनों की भूमिकाएं बदल गई हैं, और कभी साथ में चुनाव लड़ा करते अब आमने-सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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अब आगे क्या होगा
बरहाल अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित इस सीट पर अजा वर्ग के लगभग 35 हजार मतदाता हैं, और शुरू से ही यह वर्ग कांग्रेस समर्थक रहा है, इस समाज के प्रभुराम चौधरी अब बीजेपी में है इसलिए जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार इसी वर्ग से बनाया है, अब लड़ाई लोधी, किरार, ब्राम्हण, ठाकुर सहित मुस्लिम वोटों को पाने की होगी।

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