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कोरोना से जंग : ग़रीबों की मदद के लिए सामने आया लखनऊ का “यूथ फॉर पीस” संगठन

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कोरोना महामारी के चलते देश बहुत ही बुरे हालातों से जूझ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए कई शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। सारी दुकानें, फैक्टरियाँ, ऑफिस बन्द कर दिए गए हैं। ऐसे में रोज काम करके मिले पैसों से घर चलाने वालों गरीब परिवारों को भूखा ही सोना पड़ रहा है। इस हालत को देखते हुए अली नईम ओर रहमान सैफी मदद को आगे आये। उनका कहना है कि-किसी भी हाल में हमे गरीबों को नहीं भूलना है। उनके हर बुरे वक्त मे खड़े रहना होगा।

लखनऊ: शहर भर ही नहीं बल्कि पूरा देश इस समय इस भयानक महामारी से जूझ रहा है, जिससे लड़ने के लिए सरकारी ताकतों और संस्थाओं ने अपनी पूरी जान लगा रखी है। सौभाग्य की बात ये है कि देश में जब कभी भी आपदा आई है मुल्क के लोगों ने एकजुट होकर सामना किया है और बिना भेदभाव के लोगों के लिए दिल खोलकर सहायता की है।

इसी आपदा के बीच जहाँ अलग-अलग संगठन लगातार गरीबों की मदद् के लिए कहीं ऑक्सीजन तो कहीं भोजन वितरण कर सहायता कर रहें हैं। उसी बीच एक संगठन जो “यूथ फाॅर पीस” के नाम से चर्चित संगठन है। उसके अध्यक्ष मोहम्मद अली नईम राज़ी और मशहूर समाजसेवक व पत्रकार ए.आर रहमान सैफी ने बीते बुधवार को पवित्र रमजान मे और इस महामारी के बीच डालीगंज छत्ते पर स्थित ग़रीब बस्ती मे जाकर राशन किट, मास्क और सैनिटाइजर बांटा।

नईम राज़ी और रहमान सैफी के मुताबिक हम सभी इस भयानक आपदा का सामना कर रहे है, लेकिन हमे ये कतई नहीं भूलना है कि हम देश के वो नागरिक है कि जब भी कोई मुसीबत ने हमे घेरा है, हमेशा हम देश वासियों ने इसका मिलकर सामना किया है।

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हम सभी को एक दूसरे की मदद् करते रहना चाहिए और हर मुसीबत के समय गरीबों के लिए और गरीब के साथ हमेशा खड़े रहना होगा, क्योंकी जब भी कभी बुरा समय आता है या कोई संकट मंडराने लगता है तो उसका ज्यादा असर गरीबों पर ही पड़ता है।

रहमान सैफी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि, हम चाहते है पूरे क़दम रसूल वार्ड मे एक ऐसी मुहीम चलाए, जिससे गरीबों की हर मुमकिन मदद् की जा सके और उनकी समस्याओं का निवारण भी हो सके। दरअसल ज्यादा तर देखा गया है कि सरकारी मदद् घर-घर पहुँचना गरीबों के लिए थोड़ा मुश्किल पड़ता है तो हमने तय किया है कि सरकारी सुविधाओं मे भी हम मदद् करेंगे।