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जातिवाद और राजशाही पर विकास की जीत है चुनाव परिणाम – विचार

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सौरभ कुमार | भोपाल

देश के लगभग सभी विपक्षी दलों की लामबंदी और साथ मिलकर प्रायोजित झूठ के प्रचार के प्रयासों के बावजूद देश की जनता ने इन चुनावों में स्पष्ट कर दिया है कि वह उन राजनेताओं की उम्मीद से कहीं ज्यादा समझदार और राजनैतिक रूप से परिपक्व्य है। जनता ने अपने जनादेश से यह सिद्ध कर दिया है कि भारत अब जातिवाद की जकड़न से मुक्त हो रहा है, अब राजनैतिक समीकरण जाति नहीं बल्कि काम और विकास के आधार पर बनेंगे।

वर्षों की राजनैतिक गुलामी झेल रहीं कुछ सीटें तो परिवार विशेष के बैठके की दर्री भर बनकर रह गईं थीं, इन क्षेत्रों को दशकों तक वीआईपी सीट कहलाने का गौरव तो प्राप्त हुआ लेकिन जमीनी विकास के मामले में इनको कुछ भी वीआईपी नहीं मिल पाया, गुना और अमेठी से आ रहे रुझानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने इस बार नाम के लिए नहीं बल्कि काम के लिए मतदान किया है। अब जब नतीजे लगभग स्पष्ट हो चुके हैं तो यह देखना और समझना जरुरी हो जाता है कि आखिर भाजपा किन वजहों से जनता की दुलारी बनी और प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है।

राष्ट्र के सम्मान के लिए हुआ मतदान
भारत देश की इस धरा जिसने महाराणा प्रताप जैसे स्वाभिमानियों को जन्म दिया है, जिन्होंने सारे वैभव और सुविधाओं को त्याग दिया, भूख से बिलखते अपने बच्चों का रोना बर्दास्त किया और आवश्यकता पड़ने पर घास की रोटियां खाना मंजूर किया मगर अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उस स्वाभिमानी महाराणा प्रताप को अपना प्रणेता मानने वाला यह देश दशकों तक ऐसी बेड़ियों में जकड़ा गया कि उसके स्वाभिमान कि धज्जियाँ उड़ाई गयीं।

2014 में बनी भाजपा की सरकार ने दुबारा भारतीयों को उस स्वाभिमान और सम्मान से परिचित करवाया जिसके हम हकदार हैं। विश्व पटल पर सर्वाधिक मतों से योग दिवस को मान्यता दिलवाने का काम हो या तमाम आन्तरिक और बाहरी दुष्प्रयासों के बावजूद मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने की बात।

भारत को ISAT सक्षम देशों की सूची में शामिल करने की हो या वैश्विक पटल पर भारत को नेतृत्वकर्ता की पंक्ति में खड़ा करने की, भाजपा की इस सरकार ने भारतियों को गर्व से सीना चौड़ा करने का अवसर दिया। इस सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि भारत को अपने गौरव और स्वाभिमान से समझौता न करना पड़े। इसी सम्मान का बदला जनता ने वोटों से दिया।

देश के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचा लाभ
गाँधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को मूर्त रूप देने में भाजपा बहुत हद तक सफल रही है, समाज के आखिरी व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का सम्पूर्ण लाभ पहुचाने का यह मिशन कितना सफल रहा यह जानने के लिए आप देश के किसी भी कोने में जा सकते हैं। बिना किसी धार्मिक या जातिगत भेदभाव के काम करते हुए इस सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि शौचालय, रसोई गैस, प्रधानमंत्री आवास और पेंशन के लिए बनी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक बिना किसी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के पहुंचे।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने कहा था कि “हम 1 रुपया भेजते हैं तो ग़रीबो तक 15 पैसे ही पहुँचते हैं” मगर उसके बाद भी सरकारें आईं और गयीं और यह बयान प्रासंगिक बना रहा। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते हीं “जन धन खातों ” के माध्यम से आम जनता को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा और आधार का इस्तेमाल करते हुए “डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर” सुनिश्चित किया, यानी की अब सरकार का भेजा हर एक रूपया बिना किसी बिचौलिये के संपर्क में आये सीधे लाभार्थी के खाते में पहुँचता है।

इस योजना का सीधा लाभ उन किसानों और गरीबों को मिला जिनके हक का हिस्सा दफ्तरों में बैठे बाबु और बंगलों में रहने वाले नेता खा जाते थे। जनता को मिला यह लाभ वोटों की शक्ल में लौटकर भाजपा के पास आया। इन लोकसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 67।11% रहा जो की पिछले लोकसभा चुनावों से 1।16% ज्यादा है और आजाद भारत में सबसे ज्यादा है। इन चुनावों में महिला मतदाताओं का हिस्सा ऐतिहासिक 49% से ज्यादा रहा जो की सीधे तौर पर महिलाओं को शौचालय और उज्वल्ला के तौर पर मिले लाभ का प्रतिबिम्ब है।

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार
मंत्रीमंडल के स्तर पर भारत में भ्रष्टाचार पूरी तरह से ख़त्म हुआ और पिछले सरकार के घोटालों और भ्रष्टाचार से त्रस्त आ चुकी जनता को ऐसी सरकार मिली जिसने एक साफ़-सुथरी राजनीति देश को दी। विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने खुले तौर पर यह स्वीकार किया कि उनका मकसद मोदी की छवि ख़राब करना है और उन्होंने राफेल विमान के नाम पर अलग-अलग आंकड़े पेश कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास भी किया लेकिन भारत के मतदाता ने अपने प्रधानमंत्री पर अभूतपूर्व भरोसा जता कर यह साबित किया कि वह झूठों के बहकावे में नहीं आने वाली।

आतंकवाद को लेकर ‘नो टॉलरेंस’
यह पिछली सरकारों की निष्क्रियता और निति का परिणाम था की भारत आतंकवाद का दंश झेलता रहा, पडोसी देश हमारे घरों में बम धमाके करता रहा और सैकड़ों लोगों की मौत के बाद भी सरकारों ने कड़ी निंदा के सिवाए कुछ भी नहीं किया। सुरक्षा बलों के हाथ बाँध दिए गए और उन्हें इस कदर मजबूर बना दिया गया कि पडोसी देश के सैनिक आकर हेमराज का सर काटकर ले गए। भाजपा की इस सरकार यह सुनिश्चित किया कि राष्ट्र की सुरक्षा से कोई समझौता न हो, भारत की जमीन पर आँख उठा कर देखने वालों को घर घुसकर जवाब दिया गया जिससे सबको यह सन्देश मिला की भारत अब और घाव बर्दाश्त नहीं करेगा। जहाँ एक तरफ आतंकी हमलों में शामिल आतंकियों जड़ से काटा गया वहीँ नासूर बन रहे कश्मीरी अलगाववादियों को भी नियंत्रित किया गया।

कुल मिलाकर यह चुनाव भाजपा की नीति, नियत और नेता के विजय की दास्तान है जिसे मतदाताओं ने अपने विश्वास से महाकाव्य में बदल दिया है। देश को यह विश्वास है कि आने वाले 5 साल इस विकास के अध्याय में और नए पन्ने जोड़ेंगे और भारत को विश्वगुरु के पद तक पहुचाएंगे।

(डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति GroundReport.in उत्तरदायी नहीं है। इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार GroundReport.in के नहीं हैं, तथा GroundReport.in उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।)